पिछले साल की अपेक्षा इस साल गन्ने की खरीद 1.59 लाख क्विंटल अधिक हुई और किसानों को गन्ने मूल्य का भुगतान भी अधिक हुआ है। इसका प्रमुख कारण यह है कि इस साल गन्ने का उत्पादन बढ़ गया था।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने बताया कि जिले में पेराई सत्र 2022-23 के शुरूआत 31 अक्तूबर से हुई थी। 18 अप्रैल तक जिले में 343.13 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हुई। पिछले साल 2021-22 में सात नवंबर को गन्ने की खरीद शुरू हुई थी और समापन 16 मई को हो गया था। इस बीच 341.54 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हुई थी। इस बार पेराई सत्र 12 मई तक चलने की संभावना है। पिछले साल की अपेक्षा पेराई सत्र कुछ दिन पहले समाप्त हो सकती है लेकिन पेराई अधिक होगी। पिछले साल लोगों ने अनुमान लगाया था कि गन्ने का उत्पादन घट सकता है लेकिन पिछले साल से गन्ने का उत्पादन अधिक हुआ।
इसी कारण चीनी मिलों ने पिछले साल की अपेक्षा एक लाख टन अधिक गन्ने की खरीद की है। 2020-21 में 337 लाख टन खरीद हुई थी और पेराई 336.83 लाख क्विंटल हुई थी। जिला गन्ना अधिकारी का दावा है कि चीनी मिलें गन्ने के मूल्य का भुगतान 19 अप्रैल तक 866.12 करोड़ रुपये कर चुकी हैं। अभी 328.05 करोड़ रुपये गन्ने का भुगतान करना बाकी है। चीनी मिल रानीनांगल ने शत प्रतिशत गन्ने मूल्य का भुगतान कर दिया है। अन्य चीनी मिलें किसानों का समय से भुगतान कर रही हैं।