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Moradabad News: केंद्रों में विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, बाहर गर्मी ने अभिभावकों का लिया इम्तिहान

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मुरादाबाद। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट के विद्यार्थियों ने रविवार को केंद्रों में बैठकर परीक्षा दी तो वहीं केंद्रों के बाहर भीषण गर्मी ने अभिभावकों का इम्तिहान लिया। रविवार को सीजन का सबसे अधिक तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में बहुत से अभिभावक अपनी गाड़ियों से बच्चों को परीक्षा दिलवाने लाए। जो अभिभावक सार्वजनिक वाहनों से आए थे वह छाता लेकर बच्चों को धूप से बचाते नजर आए।
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मुरादाबाद में 22 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा एक पाली में आयोजित की गई। इन केंद्रों पर 11660 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 11358 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 302 विद्यार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा प्रभारी का कहना है कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई है। चुनाव का समय होने के बावजूद जिलाधिकारी, एसएसपी ने सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। विद्यार्थियों ने बताया कि कैमिस्ट्री के सवालों को हल करने में समय लगा, जबकि बायोलॉजी के सवाल अपेक्षाकृत आसान थे। वहीं, फिजिक्स में न्यूमेरिकल ने परेशान किया।

परीक्षा केंद्रों पर सुबह दस बजे से पहुंच गए विद्यार्थी
केंद्रों पर विद्यार्थियों को सुबह 11 बजे से प्रवेश दिया जाना था। इसके लिए अभिभावक विद्यार्थियों के साथ सुबह दस बजे से केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए। 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान की वजह से भीषण गर्मी थी। इसके बावजूद अभिभावकों ने केंद्रों के बाहर बैठकर ही अपने बच्चों का इंतजार किया। कुछ केंद्रों के बाहर एक कोचिंग संस्थान की ओर से टैंट और कूलर की व्यवस्था की गई थी। बिलारी से अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने आई जैनब ने बताया कि पेड़ों की छांव में बैठकर इंतजार किया, लेकिन लू चलने की वजह से परेशानी हो रही थी। वहीं, पीतलनगरी निवासी फातिमा ने बताया कि एक बेटी परीक्षा दे रही है। दूसरी बेटी को भी साथ लेकर आना पड़ा, क्योंकि घर पर उसे अकेले नहीं छोड़ सकती थी। लगातार छह घंटे बैठने की वजह से वह परेशान हो गई। दो बार पानी की बोतल खरीदनी पड़ी।
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परीक्षा छूटते ही लगा जाम
शाम को पांच बजकर 20 मिनट पर परीक्षा समाप्त हुई। जब विद्यार्थी केंद्रों से बाहर आए तो वहां पर जाम के हालात बन गए। केंद्रों के बाहर अभिभावकों की कार और बाइकों की वजह से पैदल निकलने में भी मशक्कत करनी पड़ी। प्रमुख मार्गों पर भी कुछ देर तक वाहन रेंग-रेंग कर निकले।

यह बोले विद्यार्थी...
कैमिस्ट्री के सवाल लगे मुश्किल, बायो ने दी राहत

यह मेरा पहला प्रयास है। परीक्षा औसत थी। 134 सवाल किए। बायोलॉजी के सवाल आसान थे, जबकि कैमिस्ट्री के सवाल मुश्किल थे। इसमें ऑर्गेनिक के सवाल ज्यादा थे। फिजिक्स के सवालों को भी हल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। मैंने बिना कोचिंग के ही इस परीक्षा की तैयारी की है।
काव्य, चंद्रनगर

इस बार मैंने पहली बार परीक्षा दी थी। कैमिस्ट्री के सवाल ज्यादा मुश्किल थे। बायो के सवाल मैंने आसानी से हल कर लिए थे। फिजिक्स का पार्ट औसत था। उम्मीद है कि मेरी अच्छी रैंक आएगी।

वाणी, कांशीरामनगर

बिना कोचिंग के मैं पिछले एक साल से तैयारी कर रहा था। प्रतिदिन छह से सात घंटे पढ़ाई करता हूं। मैं बीएएमएस करना चाहता हूं। कैमिस्ट्री के कॉर्डिनेशन कंपाउंड के सवाल लंबे थे। फिजिक्स औसत थी, जबकि बायो के सवाल आसान थे। मैंने पांच बजे तक पेपर हल कर लिया था। मैं बीएचयू से पढ़ाई करना चाहता हूं।
ध्रुव चौधरी, बिलारी

पेपर मैंने निर्धारित समय में ही हल कर लिए थे। कैमिस्ट्री के सवाल बोझिल थे। कंपाउंड और न्यूमेरिकल के सवाल मुश्किल थे। फिजिक्स में भी न्यूमेरिकल की संख्या ज्यादा थी। बायो के सवाल मैंने अच्छे से हल किए। यह मेरा तीसरा प्रयास है। एम्स में दाखिला लेना मेरा लक्ष्य है। बिना कोचिंग के ही तैयारी की है।
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सुबुही, पीतलनगरी
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