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Moradabad News: दुश्मनों को फंसाने के लिए सौतेले पिता ने की थी सात साल के मासूम की हत्या

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मुरादाबाद। कांठ के उमरी कलां नसीराबाद निवासी सात साल के मासूम हसन की हत्या उसके ही सौतेले पिता इदरीश ने की थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। आरोपी ने पूछताछ में कबूला है कि उसका असली बेटा यूसुफ दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद है। उसे जेल भिजवाने वाले दुश्मनों को फंसाने के लिए उसने हसन की हत्या की थी।
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एसएसपी हेमराज मीना और एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि कांठ के उमरी कलां नसीराबाद निवासी इदरीश ने 19 जनवरी को अपने बेटे हसन (7) के लापता होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 18 जनवरी की सुबह दस बजे हसन बिना बताए कहीं चला गया है। पुलिस बच्चे की तलाश में जुटी थी। इस बीच 23 जनवरी को क्षेत्र के दाढ़ी महमूदपुर में चकरोड पर हसन का शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला रेतकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। बच्चे की मां अंजुम और अन्य परिजनों के बयानों और शक के आधार पर पुलिस ने बच्चे हसन के सौतेले पिता इदरीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने पहले तो पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने ही हसन की गला रेतकर हत्या की थी। गांव के एक व्यक्ति ने उसके बेटे यूसुफ को दुष्कर्म के मामले में जेल भिजवा दिया था। उसे जेल से छुड़ाने और दुश्मन को फंसाने के लिए हसन की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चाकू और हसन की एक हवाई भी चप्पल बरामद की है। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार का इनाम दिया जाएगा।
इस तरह रची गई हसन की हत्या की पटकथा
मजदूरी करने वाले हत्यारोपी इदरीश ने बताया कि हसन की मां अंजुम उसकी दूसरी पत्नी है। अंजुम के पहले पति से तीन बच्चे हैं। जिसमें दो बेटे और एक बेटी है जबकि इरदीश से भी अंजुम को एक बेटी है। इसके अलावा इदरीश की पहली पत्नी के भी तीन बेटे हैं। इदरीश की पहली पत्नी का बेटा यूसुफ गांव की एक लड़की को बहला फुसलाकर अगवा कर ले गया था। इस मामले में पुलिस ने इदरीश, अंजुम और यूसुफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई गई थी। इदरीश और अंजुम को जमानत मिल गई थी जबकि यूसूफ जेल में बंद है। आरोपी इदरीश ने बताया कि वह मुकदमा लिखाने वाले लड़की के पिता से फैसले के लिए काफी प्रयास कर चुका था किया लेकिन वह समझौते को तैयार नहीं था। दूसरी पत्नी अंजुम भी यूसूफ की जमानत कराने को तैयार नहीं थी। तब आरोपी ने अपनी पत्नी अंजुम को सबक सिखाने और दुश्मन को फंसाने के लिए हसन की हत्या की थी।
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इरदीश के गमछे पर मिले खून के धब्बों से मिला क्लू
इदरीश ने पुलिस को बताया कि उसने साजिश के तहत 18 जनवरी को पत्नी अंजुम को मुकदमे की तारीख के लिए कचहरी भेज दिया। इसके बाद हसन को खेत पर भेज दिया था। इसी बीच आरोपी घर की रसोई से चाकू लेकर पीछे पीछे हसन के पास खेत पर पहुंच गया था। यहां आरोपी ने मौलाना तैय्यब के आम के बाग में अपना लोअर, जैकेट व गमछा पेड पर टांग दिया था। इसके बाद हसन को गन्ने तोड़ने के लिए अपने साथ ले गया था। यहां जमीन पर गिराकर उसका मुंह दबा दिया। इसके जेब से चाकू निकाल कर उसका गला रेत दिया था। बाग के पास बह रही नहर में हाथ पैर धोकर कपड़े पहन कर घर चला गया। अगले दिन जाकर मुकदमा भी लिखा दिया था। पुलिस चार दिन तक शव बरामद नहीं कर पाई। तब आरोपी रात में खेत पर पहुंचा और गन्ने के खेत से शव निकालकर चकरोड पर डाल दिया था। इसी दौरान खून के धब्बे उसके गमछे पर लग गए थे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले खून के धब्बे और गमछे के धब्बों को चेक किए तो खून मैच हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ की।
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उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद

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