बाजार गंज, बर्तन बाजार, मंडी चौक, नवीन नगर, हरथला आदि में होली के सामान की दुकानें सज रही हैं। मुख्य दुकानों के अलावा अस्थायी दुकानें भी लगने लगी हैं। दुकानदार अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पीतल और स्टील की पिचकारी और गुझिया के सांचे की मांग बढ़ी है। स्टील का फव्वारा उपलब्ध है। तीन सौ रुपये से आठ सौ रुपये तक की आठ इंच से दो फीट की पिचकारी है। कुछ पिचकारी 14 सौ रुपये तक की है। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, दिल्ली, मथुरा-वृंदावन में आपूर्ति की जा रही है। अयोध्या में भी इस बार ग्राहक खरीदारी करके ले गए हैं। जनवरी के आखिरी दिनों से आपूर्ति शुरू हो गई थी।
दुकानदार संदीप सिंघल ने बताया कि चांदी की पिचकारी, बाल्टी, चांदी का गोला होली के त्योहार पर बिकता है। बाल्टी दस हजार रुपये से शुरू है और पिचकारी पांच हजार रुपये शुरू है। गोला ढ़ाई हजार रुपये से शुरू है। राजकोट, कोलकाता और नागद्वारा से सामान आया है। जयपुर की फैंसी बॉल्टी और पिचकारी ग्राहकों को पसंद आ रही हैं।
दुकानदार नीरज अग्रवाल ने बताया कि चांदी की गुझिया, लड्डू, पिचकारी, बाल्टी, फव्वारा आदि हैं। रंगीन गिलास बैंग्लोर से मंगवाए हैं। पिचकारी और बाल्टी का सेट 20 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का है। गुझिया, लड्डू ढ़ाई से तीन हजार रुपये तक के हैं। बच्चों के लिए गोला, बादाम, काजू, मखाने का हार बना हुआ है। यह हार 30 हजार रुपये से शुरू है। यह नागद्वारा से मंगवाए गए हैं।