मंडी धनौरा। अयोध्या में बन रहे भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के लिए क्षेत्र व नगर के तमाम युवाओं ने आंदोलन किए हैं और जेल भी गए हैं। जब अयोध्या में भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। ऐसे में राम मंदिर के लिए जेल जाने वाले कार सेवकों के चेहरों पर अलग ही खुशी व संतोष दिखाई देता है। उनका कहना है कि अपनी आंखों से भगवान राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होता देख रहे हैं यह किसी सौभाग्य से कम नहीं है। नगर के करीब 25 कारसेवकों का जत्था अयोध्या में कार सेवा के लिए जब घर से निकला तो जत्थे में शामिल कार सेवकों को मुरादाबाद में पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया। रामपुर की अस्थाई जेल में बंद कर दिया गया।
विहिप के नगर अध्यक्ष रहे विजय अग्रवाल बताते हैं कि साल 1991 में वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस से छिपते हुए अयोध्या की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस भी कार्यकर्ताओं को आगे नहीं बढ़ने देने के लिए चप्पे चप्पे पर तैनात थी। मुरादाबाद से आगे पकड़ लिया गया। जेल में 21 दिन तक बंद रहे। लेकिन अब प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर का काम चल रहा है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह उनकी आंखों के सामने हो रहा है। इससे अधिक सौभाग्य की बात नहीं हो सकती है।
पांचवीं बार नगर पालिका सदस्य चुने गए अशोक अग्रवाल बताते हैं कि वर्ष 1991 में वह 25 साल के थे। कार सेवा का जुनून सिर चढ़ कर बोल रहा था। विहिप व संघ कार्यकर्ताओं के साथ वह भी कार सेवा के लिए घर से निकल गए थे। रामपुर जेल में उनको 17 दिन बंद रखा गया था। अब करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रही है।
अधिवक्ता कपिल अग्रवाल बताते हैं कि प्रदेश में राम मंदिर के लिए आंदोलन चल रहा था। नौजवानों से लेकर बजुर्गों में भगवान राम की जन्म भूमि को मुक्त कराने का जज्बा था। कार सेवा के लिए जाते समय पुलिस ने पकड़ लिया था। सभी को रामुपर की अस्थाई जेल में बंद कर दिया गया था। अब परम सौभाग्य की बात है कि प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर का काम करीब पूरा हो गया है। जिस कार्य के लिए जेल गए थे। उसका पूरा होता देखकर मन भावुक है।
भाजपा कार्यकर्ता रहे पवन अरोड़ा बताते हैं कि उस समय राम मंदिर के लिए हर कुर्बानी देने का जज्बा युवाओं के मन में हिलाेरे मार रहा था। वह भी 22 साल की उम्र में कार सेवा के लिए अयोध्या के लिए घर से चले गए थे। पुलिस ने रामपुर के पास पकड़ लिया और जेल में बंद कर दिया। जेल में भी कार सेवकों का जुनून देखते ही बनता था। अब भगवान राम का भव्य मंदिर बन गया है।