मुरादाबाद। जिले में डेंगू के प्रकोप को कम करने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य महकमा लाखों रुपये खर्च कर चुका है। शहर के 110 स्थानों पर लगभग 2500 लीटर कीटनाशक का छिड़काव किया जा चुका है। जबकि वास्तविकता यह है कि डेंगू का असर जिले में कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। कई मोहल्लों में नियमित फॉगिंग तक नहीं हो रही है।
सितंबर की शुरूआत से ही मच्छर जनित रोगों पर लगाम लगाने के लिए जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम की टीमें एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का दावा कर रही हैं। जबकि लोगों का कहना है कि उनके मोहल्लों में गंदगी पसरी है। इससे मच्छर पैदा हो रहे हैं। नगर निगम और मलेरिया विभाग लगभग 2500 लीटर कीटनाशक का उपयोग कर चुका है। इसमें टेमीफॉस, मैलाथियान, डेल्टा माइथीन, लेम्डा क्योथ्रीन और किगफॉग शामिल हैं।
मलेरिया विभाग के मुताबिक करूला, पीएसी, कटघर, असालतपुरा, नवीननगर, नवाबपुरा, दौलतबाग, तहसील स्कूल, गंगा मंदिर, डबल फाटक, गोविंद नगर, जयंतीपुर, हरथला, जामा मस्जिद, कच्चा बाग आदि क्षेत्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। टीम इन स्थानों पर जाकर एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही है। हालांकि धरातल पर इसका असर नहीं दिख रहा है।