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तारबंदी हटाने में बरती जा रही है ढिलाई, सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे मामला :आजम 000

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रामपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर में प्रशासन की ओर से की गई तारबंदी को हटाए जाने की धीमी रफ्तार पर सपा नेता आजम खां ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दस दिन होने को आ गए लेकिन अब तक बहुत कम तार हटाए गए हैं। जबकि, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत तार हटाने के आदेश दिए थे। कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ही पालन नहीं हो रहा तो फिर कहां कानून रह जाता है। हम इस प्रकरण को भी सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जौहर विवि में करीब 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति की भूमि पर तारबंदी कर दी थी। जमीन पर बनीं दो इमारतों को सील कर दिया गया था। हाईकोर्ट के फैसले को आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को प्रशासन को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन कब्जा मुक्त करने और तारबंदी हटाने के आदेश दिए थे। जिस पर तहसील प्रशासन ने 28 जुलाई को दो सील इमारतें कब्जा मुक्त कीं, तो शुक्रवार को तार हटाए। शनिवार को भी तार हटाने का काम जारी रहा, लेकिन बारिश की वजह से काम ज्यादा नहीं हो सका। इसको लेकर आजम खां ने भी नाराजगी जताई है। बोले कि पहले तो एकतरफा पैमाइश की गई। आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के पास जाने की कोशिश की तो मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। हम भी अपने दफ्तर से बाहर नहीं आ सके। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के दस बाद भी तार नहीं हट सके हैं। जब सुप्रीम कोर्ट का ये सम्मान है तो क्या करेंगे। हम यह मामला भी सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे।
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