बर्थ वाली वंदे भारत ट्रेनों के कोच फैक्टरियों में तैयार हो रहे हैं। बुधवार को रेलमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान स्लीपर वंदे भारत चलाने की बात दोहराई। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने स्पष्ट किया कि मंडल में बरेली से स्लीपर वंदेभारत चलाने का प्लान है। इसका प्रस्तावित रूट बरेली-चंदौसी-अलीगढ़-आगरा-ग्वाालियर-झांसी-बीना-भोपाल-इटारसी-खंडवा-जलगांव-मनमद-मुंबई तय किया गया है। इस रूट पर फिलहाल एक एक्सप्रेस ट्रेन चलती है। अन्य ट्रेनों का समय प्रभावित किए बिना वंदेभारत चलाने की योजना है। समय व अन्य कारणों को देखते हुए रूट बदला जा सकता है। बरेली से मुंबई की यह दूरी लगभग 1600 किमी है। इतनी दूरी में चलने वाली यह देश की पहली वंदे भारत ट्रेन हो सकती है। हालांकि कुछ अन्य मंडल भी अपने यहां से लंबी दूरी की स्लीपर वंदेभारत ट्रेनों के संचालन की योजना बना रहे हैं।
2026 में ट्रेन से कर सकेंगे चार धाम की यात्रा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के लिए 4545 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। हिमालय के बीच सुरंग बनाने का काम जारी है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 213 किमी के हिस्से में सिर्फ सुंरगें हैं। इनमें से 171 किमी तक सुरंगें बना ली गई हैं। इसमें भी 155 किमी हिस्सा मुरादाबाद मंडल का है। सबसे लंबी 15 किमी की सुरंग भी मुरादाबाद मंडल के पास है। रेल मंत्री ने कहा कि 2026 के अंत तक लोग ट्रेन से चार धाम की यात्रा कर सकेंगे। इस मार्ग पर शीशे की छत वाले विस्टाडोम कोच की ट्रेन चलाई जाएगी। यात्री पर्वतीय नजारों का लुत्फ ले सकेंगे।