केमरी। थाना क्षेत्र के एक गांव में बरात जाने से पहले दुल्हन को चढ़ाने वाले जेवरात दूल्हे की भाभी अपने साथ लेकर अपने मायके चली गई। दूल्हे ने जेवर वापस दिलाने को लेकर पुलिस से गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान व रिश्तेदारों ने भाभी के मायके वालों को समझाकर जेवर वापस मांगा है।
ग्राम रहसेना के वीरपाल पुत्र मंगली की मंगलवार को शादी थी। शादी की सभी तैयारियां चल रहीं थीं। सोमवार की शाम वीरपाल की भाभी जिसके पास पैतृक जेवर रखा हुआ था और वीरपाल की नई नवेली दुल्हन को चढ़ना था। दूल्हा वीरपाल की भाभी नीरज सोमवार की शाम अपने पास रखा सारा जेवर यह कहते हुए अपने मायके सुनारखेड़ा ले गई कि बंटवारे के समय उसको हिस्सेदारी कम दी गई थी। इसलिए यह जेवर वह नहीं देगी। गांव के कई लोग व रिश्तेदारों ने नीरज के मायके जाकर काफी समझाया कि पहले शादी हो जाए फिर बाद में हिस्से बंटवारे की बात कर लेंगे। मगर नीरज मायके से वापस नहीं आई और न ही जेवर दिया।
थक हारकर मंगलवार को वीरपाल ने थाने पहुंचकर पुलिस से जेवर वापस दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस ने मामला घरेलू होने व घर में शादी का माहौल होने के कारण पुनः रिश्तेदारों व ग्राम प्रधान से नीरज व उसके मायके वालों से बात करने को कहा। ग्राम प्रधान सरजीत सिंह व वीरपाल के कुछ रिश्तेदार नीरज के मायके सुनारखेड़ा पहुंचे और मायके वालों और नीरज को काफी समझाया। तब जाकर नीरज ने जेवर ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में इस शर्त पर देते हुए कहा कि शादी के बाद जेवर व अन्य पैतृक चीजों का बंटवारा बराबर बराबर किया जाएगा। जेवर घर वापस लाने पर दूल्हा अपनी बरात लेकर जा सका।