कांठ रोड से सटी कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने के बाद जल निगम के माध्यम से कार्य कर रही केके स्पन कंपनी ने कांठ रोड पर भटावली से पीएसी तिराहे तक पांच किमी भाग में 26 नवंबर को सीवर लाइन डालने का काम शुरू किया था। जिसमें से तीन किमी सड़क में सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। दो किमी सीवर लाइन का काम बाकी है। जबकि इसे 30 जनवरी 2024 तक खत्म होना था। लेकिन निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी कांठ रोड पर 1200 मीटर, पीएसी तिराहा के पास 600 मीटर काम बाकी रहने के अलावा विभिन्न प्वाइंटों पर करीब 200 मीटर काम बाकी रह गया। इस काम को पूरा करने के साथ सीवर लाइन बिछाने के काम के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बनाने के लिए के लिए 30 मार्च 2024 तक का समय कंपनी ने मांगा है। कंपनी की ओर से जनरल मैनेजर आसिम जमील और प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव झा ने इस आशय का पत्र जल निगम के अधिशासी अभियंता मोहित राय को दिया है।
2020 में शुरू किया था काम, बीच में काम घटाया और बजट भी
अमृत-1 योजना के तहत सीवर लाइन फेज-2 का काम सात जनवरी 2020 में शुरू किया गया था। इसके लिए पहले 154 करोड़ रुपये में 141 किमी सीवर लाइन बिछाने का टेंडर केके स्पन के पक्ष में हुआ। इसके माध्यम से शहर के 25 हजार घरों को सीवर लाइन कनेक्शन से जोड़ा जाना था। बाद में इसमें 20 किमी सीवर लाइन का काम घटा दिया गया। इसके कारण 121 किमी सीवर लाइन बिछाने और 15627 घरों के कनेक्शन के लिए बजट भी घटा कर 110 करोड़ रुपये कर दिया गया।
जल निगम के अधिकारियों व महापौर के निर्देश के क्रम में कांठ रोड पर पांच किमी सीवर लाइन बिछाने का काम तेज गति से शुरू किया गया था। शुरू के चार दिन में पीडब्ल्यूडी से एनओसी मिलने को लेकर काम रुका रहा। उसके बाद हिट एंड रन मामले ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल, गणतंत्र दिवस, नव वर्ष, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान भी काम बंद रहा। जिसकी वजह से निर्धारित समय 30 जनवरी को काम खत्म नहीं हो पाया।
-आसिम जमील, जनरल मैनेजर केके स्पन
- 121 किमी में से 118 किमी सीवर लाइन बिछा दी गई है। कांठ रोड पर दो किमी सीवर लाइन बिछाने का काम शेष है। कंपनी की ओर से जल निगम के ईई को पत्र देकर 30 मार्च तक का समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। यह समय मिल जाने पर काम समाप्त कर दिया जाएगा।
-संजीव झा, प्रोजेक्ट मैनेजर केके स्पन
- केके स्पन को 30 जनवरी 2024 तक काम खत्म करने का समय दिया गया था। लेकिन नहीं हो सका। कंपनी की ओर से 30 मार्च तक का समय काम खत्म करने के लिए मांगा गया है। पहले ही काफी देरी हो चुकी है काम भी समाप्ति की ओर है। लिहाजा कुछ पेनाल्टी के साथ फरवरी तक का समय देने पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही कुछ तय होगा।
-मोहित कुमार राय, अधिशासी अभियंता जल निगम