युवती से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसी मुकदमे में दूसरे आरोपी की फाइल अदालत में विचाराधीन है। बिलारी क्षेत्र के रहने वाली पीड़िता के चाचा ने 22 अक्तूबर 2011 को मुकदमा दर्ज कराया था।
उसने बताया था कि उसका भाई मजदूरी करने बाहर था। भाई के बच्चे उसके साथ ही थे। 21 अक्तूबर की देर रात करीब 11 उसकी भतीजी को पड़ोस में रहने वाले मुकेश और उसके साथी अमीर अहमद अगवा कर जंगल में ले गए। रात में जागने पर जब पीड़ित को उसकी भतीजी नहीं मिली तो रातभर तलाश की।
गांव के पास ही जंगल में युवती रोते हुए मिली थी। उसने बताया कि उसके साथ मुकेश और अमीर अहमद ने दुष्कर्म किया है और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और अमीर अहमद का नाम मुकदमे से निकाल दिया था।
इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक मोहम्मद फिरोज की अदालत में की गई। अदालत ने मुकेश को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दूसरे आरोपी को अदालत ने किया तलब
पुलिस ने अपनी विवेचना में दूसरे आरोपी का नाम मुकदमे से निकाल दिया था। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक यादव ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने अदालत में पेश होकर दोनों आरोपियों के खिलाफ गवाही दी।
जिसके आधार पर अदालत ने घटना के दूसरे आरोपी अमीर अहमद को तलब करते हुए उसकी पत्रावली अलग कर दी, जिसका मुकदमा अभी अदालत में विचाराधीन है।