डीएम मानवेंद्र सिंह को शिकायत मिली थी कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर बगैर अनुमति मसाला बेचा जा रहा है। इस मामले में उन्होंने डीएसओ अजय कृष्ण सिंह को जांच करने के निर्देश दिए। डीएसओ ने एक टीम गठित कर 13 दुकानों की जांच कराई। जांच के दौरान मिश्रीपुर ब्लॉक छजलैट स्थित दुकान पर एक कट्टे में पिसी हुई हल्दी, लाल मिर्च, गर्म मसाला, धनिया, हींग सील बंद पैकेट में रखे गए थे, लेकिन दुकानदार स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सका। इसी प्रकार ग्राम बेगमपुर में उचित दर विक्रेता राम सिंह की दुकान पर भी मसाले पाए गए, लेकिन स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं था।
छजलैट ब्लॉक के ग्राम भीकनपुर असदलपुर की उचित दर विक्रेता प्रीत स्वयं सहायता समूह संचालक विपिन रानी के दुकान की जांच में एफएसएसएआई से प्रमाणित पाए गए, लेकिन स्टॉक रजिस्टर नहीं था। ग्राम मौढ़ी हजरतपुर में उचित दर विक्रेता सीता रानी की दुकान की जांच की गई। यहां भी स्टॉक रजिस्टर नहीं मिला। ग्राम खेमपुर सैफल्लापुर स्थित उचित दर विक्रेता वीर सिंह की दुकान में मसाला बेचे जा रहे थे, लेकिन कोई स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। डीएसओ ने बताया कि बिना अनुमति मसाला बेचने के आरोप में पांचों दुकानों की जमानत राशि में से पांच- पांच हजार रुपये जब्त किए गए हैं। अन्य आठ दुकानों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।