मुरादाबाद। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों की हत्या करने वाले राशिद की तलाश में यूपी एसटीएफ और पंजाब पुलिस जुटी थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वो भोजपुर के पीपलसाना में छिपा है। इसके लिए पुलिस टीमों ने कई बार यहां दबिश दी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। हालांकि बाद जानकारी हुई कि एसटीएफ और पंजाब पुलिस को गुमराह करने के लिए पकड़े गए आरोपी ने अपने साथियों को गलत पता बताया था।
मुजफ्फरनगर के शाहपुर थानाक्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी राशिद ढेर हो गया। बदमाश ने पठानकोट के थारयाल में क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार के घर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। डकैती के दौरान अशोक कुमार, उनके बेटे कौशल को मौत के घाट उतार दिया था। हमले में अशोक की पत्नी आशा रानी भी घायल हो गईं थीं। पठानकोट पुलिस ने राशिद के साथियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था लेकिन राशिद पुलिस के हाथ नहीं आया था।
राजस्थान के झुंझनू जनपद के चड़ावा गांव निवासी राशिद ने अपने साथियों को बताया था कि वह मुरादाबाद के भोजपुर थानाक्षेत्र के पीपलसाना में रहता है। इसके बाद से यूपी एसटीएफ और पंजाब पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। कई बार यहां पुलिस और एसटीएफ ने दबिश भी दी थी। भोजपुर थाना प्रभारी संजय पांचाल ने बताया कि आरोपी ने अपने साथियों और पुलिस का गुमराह करने के लिए गलत पता बताया था। ताकि उसके साथी पकड़े जाएं तो पुलिस उस तक न पहुंच पाए।
बरेली से पकड़ा गया था राशिद का साथी छज्जू छैमार
मुरादाबाद। सुरेश रैना के फूफा और फुफेरे भाई की हत्या और डकैती की वारदात को अंजाम देने में शामिल रहा एक बदमाश छज्जू छैमार उर्फ बाबू मियां एसटीएफ ने बरेली के बहेड़ी थानाक्षेत्र के छज्जू पचपेड़ासे गिरफ्तार किया था। आरोपी यहां अपनी ससुराल में छिपा हुआ था। 18 जुलाई 2021 में पंजाब पुलिस और एसटीएफ की बरेली यूनिट ने ये कार्रवाई थी। छज्जू छैमार ने ही राशिद उर्फ चलता फिरता के बारे में जानकारी दी थी कि वो भोजपुर के पीपलसाना में छिपा है।