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बिजली दफ्तर की सील छह घंटे बाद 4.10 लाख भुगतान के बाद खोली

सार

कोर्ट के आदेश के बाद भी मुआवजा भुगतान नहीं करने पर बुधवार को विद्युत वितरण खंड-प्रथम कार्यालय को दोपहर 12 बजे सील कर दिया गया।बिजली निगम ने इस आदेश पर मुआवजा भुगतान नहीं किया।इसके बाद वसीर अहमद के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया कि विभाग की ओर से धनराशि का भुगतान कर दिया गया है।
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विस्तार
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रामपुर। कोर्ट के आदेश के बाद भी मुआवजा भुगतान नहीं करने पर बुधवार को विद्युत वितरण खंड-प्रथम कार्यालय को दोपहर 12 बजे सील कर दिया गया। निगम की ओर से आननफानन 3.99 लाख रुपये का ड्राफ्ट कोर्ट में जमा करने और 11,486 रुपये पीड़ित वसीर के अधिवक्ता एमके रस्तोगी को भुगतान कर दिए। भुगतान किए जाने पर शाम छह बजे दफ्तर की सील खोल दी गई।
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31 मई 1998 को बरेली के थाना शाही के ग्राम दुनका निवासी वसीर अहमद रामपुर के ग्राम नगला उदई में शादी समारोह में आए थे। ग्राम लोहा से आगपुर का मझरा के किनारे 11 हजार केवी की विद्युत लाइन लटकी हुई थी जिसकी चपेट में आकर वह बुरी तरह से झुलस गए। उनके दोनों पैर 90 फीसदी खराब हो गए। उन्होंने बिजली निगम से मुआवजे की मांग की। निगम द्वारा मुआवजा नहीं दिए जाने पर उन्होंने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट ने 12 नवंबर 2014 को वसीर अहमद को तीन लाख रुपये छह फीसदी ब्याज की दर से मुआवजा भुगतान के आदेश दिए। बिजली निगम ने इस आदेश पर मुआवजा भुगतान नहीं किया। जिस पर वसीर अहमद के अधिवक्ता ने दोबारा कोर्ट में इजरा दायर की। इजरा पर सुनवाई करते हुए 01 अगस्त 2022 को कोर्ट ने विद्युत वितरण खंड प्रथम के कार्यालय की कुर्की कर उसको सील करने के आदेश दिए थे। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सतेंद्र सिंह की कोर्ट के आदेश पर बुधवार को दोपहर लगभग 12 बजे विद्युत वितरण खंड-प्रथम कार्यालय को सील कर दिया गया।
कार्यालय सील कर दिए जाने के बाद निगम के अधिकारी हरकत में आए। 3.99 लाख रुपये का ड्राफ्ट कोर्ट में जमा कराया गया। इसके अतिरिक्त 11,486 रुपये की राशि वसीर अहमद के अधिवक्ता एमके रस्तोगी को दी गई। इसके बाद वसीर अहमद के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया कि विभाग की ओर से धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। अब जो इजरा कोर्ट में लंबित है उसे निरस्त कर दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने न्यायालय अमीन को सील किए गए कार्यालय को खोलने के आदेश दिए।
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कोर्ट अमीन अमित कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से मुआवजे की राशि जमा कर दिए जाने के बाद न्यायालय के आदेश से लगभग छह घंटे बाद शाम लगभग छह बजे विद्युत वितरण खंड-प्रथम के कार्यालय पर लगी सील को खोल दिया गया है।
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