मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि एनजीटी की कोर्ट ने नदी पर अवैध कब्जे को लेकर काफी सख्त रूख अपनाया है। इसी कारण नदी की भूमि की पैमाइश करने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने पैमाइश पूरी कर ली है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। सोमवार को एमडीए और बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि पैमाइश के दौरान नदी की कुछ स्थानों पर अवैध कब्जा प्रतीत हो रहा था लेकिन रिकार्ड से मिलान करने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
एसडीएम सदर जितेंद्र सिंह वीरवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। बुधवार को ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गांगन नदी किनारे भूमि पर अवैध कब्जा व निर्माण को लेकर जब-तब आरोप लगते रहे हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी जाती थी। दो साल पहले एमडीए प्रशासन की ओर से गांगन किनारे स्थित कुछ औद्योगिक इकाइयों को अवैध निर्माण का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन अपील आदि के माध्यम से इसे लटकाया जाता रहा।