फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: छात्रों की करतूत के बाद दहशत में स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। शहर के एक नामचीन स्कूल में शिक्षिका के फोटो को एआई के जरिये अश्लील बनाकर वायरल करने की घटना के बाद से स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी दहशत में हैं। शिक्षकों ने बताया कि अब तो सोशल मीडिया का नाम सुनकर ही डर लग रहा है।
विज्ञापन

कक्षा नौ के दो छात्रों द्वारा शिक्षिका की फोटो को एआई के माध्यम से अश्लील बनाकर इंस्ट्राग्राम पर वायरल करने की सूचना जब अन्य शिक्षकों को मिली तो उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ। एक शिक्षक ने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद सभी हतप्रभ हैं। सभी को अपनी सुरक्षा को लेकर डर लग रहा है। कहा कि ये बच्चे ऐसा करेंगे, सोचा नहीं था। बुधवार को स्कूल में अर्धवार्षिक परीक्षा का आखिरी दिन था। बृहस्पतिवार से विद्यार्थियों की टेस्ट परीक्षा शुरू हो गई हैं। बच्चों को ज्यादा मानसिक तनाव न हो, उन्हें शिक्षकों ने नैतिक शिक्षा की कुछ कहानियां सुनाकर शांत रखने का प्रयास किया। विद्यालय स्तर पर जांच के लिए आंतरिक समिति भी बनाई गई है। इस समिति में दो-तीन शिक्षकों को ही शामिल किया गया है, ताकि अन्य शिक्षक विद्यार्थियों पर ध्यान दे सकें और स्थिति ज्यादा खराब न हो। इसलिए मामले में की गई कार्रवाई के बारे में भी ज्यादा चर्चा नहीं की जा रही है। प्रभारी प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों से संयम बरतने और परिस्थितियों में सहयोग देने की अपील की है।

बृहस्पतिवार को दो विद्यार्थियों को किया निष्कासित
शिक्षक के अनुसार बृहस्पतिवार को कक्षा 11 के दो छात्रों को निष्कासित किया गया है। इन छात्रों पर पढ़ाने में अड़चन पैदा करने का आरोप है। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों के व्यवहार के बारे में शिकायत की थी। इसके बाद यह फैसला लिया गया है।
विज्ञापन



पहले से ही सतर्क हैं स्कूल वाले
शहर में निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के व्यवहार पर पहले से ही नजर रखी जा रही है। कुछ स्कूलों ने शिकायतें मिलने पर निगरानी शुरू कर दी। इसके लिए शिक्षक दूसरे नाम से आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर विद्यार्थियों की फ्रेंड लिस्ट में जुड़ जाते हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। प्रधानाचार्यों का कहना है कि किसी भी खराब परिस्थिति से बच्चों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे काफी मदद मिल रही है। जब भी सोशल मीडिया पर किसी बच्चे की कोई गलत गतिविधि दिखाई देती है, तो उसे समझाने के साथ ही काउंसलिंग भी कराई जाती है।

वर्जन...
बच्चों की परवरिश और संगत की वजह से बच्चे समझ नहीं पाते हैं कि वह जाने-अनजाने में जो कर रहे हैं, वह किसी की जिंदगी पर कितना भारी पड़ सकता है। सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभिभावकों की होती है कि वह बच्चों के दोस्तों के संपर्क में रहें। उनकी सोशल मीडिया से जुड़कर पता करें कि बच्चा गलत संगत में तो नहीं है। स्कूलों में भी साइबर सुरक्षा की कार्यशालाएं आयोजित करवानी चाहिए। नैतिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां होना भी बहुत आवश्यक है, इससे बच्चे सही और गलत के बीच का अंतर समझ पाएंगे। -डॉ. कार्तिकेय गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें