संभल। संभल ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पीपली रहमापुर में 240 शौचालय के निर्माण में सरकारी धनराशि का दुरूपयोग किया गया। जिलाधिकारी मनीष बंसल के आदेश पर हुई जांच में धनराशि के दुरूपयोग की पुष्टि होने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान जायदा और ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार समेत आठ लोगों के खिलाफ नखासा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
यह रिपोर्ट संभल ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) वसीम अब्बास की ओर से दर्ज कराई गई है। इसमें बताया गया है कि 24 मई-2022 में जिलाधिकारी से की गई शिकायत में कहा गया था कि पीपली रहमापुर ग्राम पंचायत में 410 शौचालय का निर्माण कराने की बात कहकर धनराशि निकाली गई थी। इसमें 240 व्यक्ति ऐसे भी शामिल हैं, जो पीपली रहमापुर के निवासी नही हैं और 171 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। जिनमें कुछ आधे-अधूरे भी हैं। धनराशि का दुरूपयोग का आरोप लगा तो जिलाधिकारी ने जिला भूमि संरक्षण अधिकारी और सहायक अभियंता लघु सिंचाई संभल से जांच कराई। जिसमें रविंद्र कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान जायदा का बेटा मोहम्मद उमर, आशू सिंह, अतहर, वसीम, शाहिद हुसैन, एहसान को व्यक्तिगत रूप से धनराशि का भुगतान करने को गलत पाया है।
तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार भी भुगतान कराने के दोषी हैं। 15.89 लाख रुपये का दुरूपयोग सामने आया है। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी तत्कालीन ग्राम विकास सचिव की पदोन्नत हो गए हैं और वर्तमान तैनाती मुरादाबाद जिले में एडीओ आईएसबी के रूप में है।
पूर्व प्रधान के खातों में जमा की गई नियम विरुद्ध धनराशि स्वच्छत भारत मिशन (ग्राम सभा खाता-छह) के खाते का संचालन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के द्वारा किया जाता है। वर्ष 2018 से 2020 के मध्य पूर्व प्रधान के बेटे के व्यक्तिगत खाते में नियम विरूद्ध, 8.85 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। यह भी अभिलेखों की जांच में सामने आया है।