मुरादाबाद। जरा सी गर्मी होने पर जो लोग घर से बाहर नहीं निकलते। उन्हें प्रेरणा लेनी चाहिए पूजा, मनोज, इरफान, हेम सिंह जैसे लोगों से। जिन्हें दुर्भाग्यवश शारीरिक कष्ट में जीवन बिताना पड़ रहा है लेकिन अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते। शुक्रवार को ये सभी लोग धूप में बैसाखी और व्हीलचेयर के सहारे वोट डालने पहुंचे।
इनका मानना है कि अपनी मनपसंद सरकार चुननी है तो वोट डालना ही लोग। वरना लोग राजतंत्र में भी ऐसे ही जीवन यापन कर रहे थे, जिन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि राजा कोई भी हो। लोकतंत्र ने सबको समान अधिकार दिया है तो इसका इस्तेमाल करना चाहिए। शहर ही नहीं गांवों में भी दिव्यांग लोगों को उत्साह से मतदान बूथ पर पहुंचते देखा गया। उनकी सुविधा को देखते हुए बूथों पर भी उन्हें पहले मतदान करने दिया गया।
वोट एक जिम्मेदारी है, जो सभी को निभानी चाहिए। परेशानी यदि बहुत बड़ी नहीं है तो वोट जरूर करना चाहिए। जो लोग वोट नहीं करते बाद में वही सरकार को कोसते हैं। इसलिए अपनी ताकत का प्रयोग करने के लिए मैं व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान करने आया हूं। - मनोज कुमार
वोट के बहुत फायदे हैं। महिलाओं को फ्री गैस सिलिंडर मिला और राशन तो सबको मिल रहा है। सरकार किसी की भी बने अगर जनता को लाभ लेना है तो वोट तो करना ही होगा। बैसाखी लेकर हर रोज दूसरे काम कर सकते हैं तो वोट भी डालने आ सकते हैं। - पूजा, पीतलबस्ती
मैं चीजों को देख नहीं सकता लेकिन इतना जानता हूं कि अगर हम वोट नहीं करेंगे तो गलत होते हुए देखते ही रह जाएंगे। इसलिए अपनी पसंद की सरकार चुनने के लिए वोट करना जरूरी है। वोट करने के बाद आप अधिकार के साथ जनप्रतिनिधि से अपनी शिकायत कर सकते हैं।- इरफान, करूला
- छह महीने पहले पैर में लकवा मार दिया था। चल-फिर नहीं पाता हूं। एक नागरिक का कर्तव्य निभाने के लिए वोट डालने आया हूं। बेटे के सहारे बूथ तक आया। मतदान कर काफी अच्छा लग रहा है। - हेम सिंह, मझोला
हर बार सभी चुनावों में मतदान कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हूं। दिव्यांग होने की वजह से नहीं चल पाता हूं। भाई का हाथ पकड़कर बूथ तक आया हूं। लोकतंत्र के इस पर्व में सभी को बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। - वसीम अहमद, कांशीराम नगर