प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि अपने सगे संबंधियों को प्रापर्टी दान देने पर पांच हजार रुपये शुल्क लगेगा। इस योजना का लाभ उठाते हुए जिले के 3629 लोगों ने अपने खून के रिश्ते के बीच माता, पिता, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, दामाद, भाई, सगी बहन के नाम जमीन और मकान को दान दिया। विभागीय रिकार्ड के अनुसार अगस्त 2023 से 13 फरवरी 2024 तक तहसील सदर प्रथम में 1039, सदर द्वितीय के क्षेत्र के 1182, बिलारी क्षेत्र के 593, ठाकुरद्वारा के 372 लोगों और कांठ के 443 लोगों ने अपनी संपत्ति सगे संबंधियों के नाम कर दिया।
सामान्य तौर पर जमीन की कुल कीमत का सात फीसदी स्टांप देना पड़ता है। यदि दान विलेख की रजिस्ट्री होती तो करोड़ों रुपये का स्टांप शुल्क देना पड़ता। एआईजी स्टांप अनिल कुमार ने बताया कि यदि वास्तविक कीमत देना पड़ता तो लोगों को 51 करोड़, 70 लाख 77 हजार देना पड़ सकता था। स्टांप विभाग को गिफ्ट डीड से सिर्फ एक करोड़ 71 लाख 45 हजार रुपये का स्टांप शुल्क मिला है। इसमें कुल 49 करोड़ 99 लाख, 93 हजार से ज्यादा की छूट लोगों को मिली है। दान की संपत्ति मिलने से कई लोग करोड़पति हो गए। एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्रा ने बताया कि सरकार की नीति का लाभ काफी लोगों को मिला है। स्टांप शुल्क अदा न करने वाले लोगों ने भी गिफ्ट डीड की है।