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Moradabad News: गेमिंग एप के जरिये लोगों से करोड़ों की ठगी का खुलासा

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बिलारी (मुरादाबाद)। खाते से 18 दिन में तीन लाख से अधिक बार लेन देन के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जांच में पता चला कि गेमिंग एप के जरिए लोगों से पांच करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी की गई है। गेमिंग एप को बिलारी के जींस कारोबारी आजम अली और उसका मौसेरा भाई समद चला रहे थे। पुलिस और साइबर सेल अब गिरोह के सरगना समद और उसके साथियों की तलाश में जुटी है। गिरोह के सदस्य 91 क्लब एप के जरिए लोगों के गेम खिलाते थे, जिसका पैसा जींस कारोबारी के खाते में आता था।
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मूलरूप से बिलारी के तेवर खास निवासी आजम अली बिलारी में ईदगाह के पीछे बाईपास मोहल्ले में रहता है। वह जींस का कारोबार करता है। आजम अली ने एसबीआई की बिलारी शाखा में 22 जून को खाता खुलवाया था। इस खाते से 18 दिन में तीन लाख से ज्यादा बार लेनदेन हुआ। लगातार खाते में लेनदेन हुआ तो एसबीआई के मुख्यालय के रडार पर खाता गया। खाते को संदिग्ध मानते हुए सीबीआई लखनऊ मुख्यालय की ओर से एसबीआई की बिलारी शाखा के प्रबंधक शुभम कश्यप के पास मेल भेजकर खाते पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। बैंक की ओर से साइबर सेल में भी इसकी जानकारी दी गई थी। तब पुलिस ने आजम अली को थाने बुलाकर पूछताछ की। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि आजम अली ने पूछताछ में बताया कि छह माह पहले संभल रिश्तेदारी में एक कार्यक्रम में शामिल होने गया था, वहां उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी समद भी मौजूद था। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। तब समद ने आजम ने कहा कि वह नया खाता खुलवा लें। इस खाते को मैं गेमिंग एप में इस्तेमाल करूंगा। आरोपी ने खाता खुलवाकर समद को दे दिया था। इसके बाद समद ने आजम का खाता नंबर ले लिया और उसका इस्तेमाल गेमिंग एप में शुरू कर दिया। 91 क्लब एप से यह खाता जोड़ा और बाद में ऑनलाइन गेमिंग से खाते में लेनदेन होने लगा। समद साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। उसने महादेव की तरह 91 क्लब एप बना लिया। जिसके जरिए उसने लोगों को ऑन लाइन गेम खिलाया। समद के साथ कई और लोग उसके साथ शामिल है। पिछले 18 दिन में पांच करोड़ से ज्यादा लोगों से ठग चुके हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि समद के पकड़े जाने के बाद गिरोह के अन्य लोग पकड़े जा सकेंगे।

इस तरह ट्रांसफर कराई रकम

साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि समद ने आजम अली के खाते को 91 क्लब एप से जोड़ा था। इस एप के जरिए गेम खिलाकर रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। आजम के खाते से रकम आते ही दूसरे खातों में रकम ट्रांसफर कर दी जाती थी। बिहार, झारखंड और राजस्थान में खुले खातों में भी रकम भेजी गई है।
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शिकायतकर्ता मिलते ही दर्ज किया जाएगा केस

एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अब तक इस मामले में कोई ऐसा व्यक्ति सामने नहीं आया है, जिसने साइबर ठगी होने की शिकायत की हो। शिकायत मिलते ही इस मामले में केस दर्ज किया जाएगा।
समद के पकड़े जाने पर होगा गिरोह का खुलासा

इस मामले में अब तक समद की मुख्य भूमिका सामने आई है। उसके पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि वह इस गिरोह में कितने और लोग शामिल हैं। साइबर सेल और बिलारी थाने की पुलिस आजम अली से पूछताछ कर रही है।



समद और आजम हैं रिश्ते में मौसेरे भाई, दस हजार में खरीदा खाता

समद की रिश्तेदार संभल में जिस परिवार में है, उसी परिवार में आजम की मौसी भी रहती है। दोनों आपस में मौसेरे भाई हैं। समद ने आजम का खाता दस हजार रुपये में खरीदा था। एक माह पूरा होने के बाद आजम को दस हजार रुपये मिलने वाले थे लेकिन उससे पहले ही खाता बैंक और साइबर सेल की नजर में आ गया।
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