मुरादाबाद। शहर के विद्यालय में स्कूल के ही छात्रों द्वारा एक छात्र के साथ अश्लील हरकत की घटना सामने आने के बाद विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की आवश्यकता पर चर्चा शुरू कर दी है। काउंसलर डॉ. बबीता गुप्ता का कहना है कि बदलते समय के साथ स्कूलों में काउंसलर की जरूरत बढ़ गई है। विद्यार्थियों की छोटी-छोटी परेशानियां अब बड़ी होती जा रही हैं। मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध एडल्ट कंटेंट बच्चों को आकर्षित कर रहा है। बच्चे उसे देखकर अपने हमउम्र साथियों के साथ वैसा ही व्यवहार करने लगते हैं। मंडलीय मनोविज्ञान अधिकारी डॉ. कुमार मंगलम सारस्वत का कहना है कि इस उम्र में अभिभावकों के लिए बच्चों पर हर समय नजर रखना मुश्किल होता है। घर में अकेला बच्चा होने पर वह कई बार अभिभावकों से बातें छिपा भी लेते हैं। लेकिन कक्षा में विद्यार्थी अपने साथियों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इस पर शिक्षकों की पैनी नजर होती है। ऐसे में स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। शिक्षक, प्रधानाचार्य और काउंसलर को मिलकर विद्यार्थियों की नियमित काउंसिलिंग करानी चाहिए। समय पर सही मार्गदर्शन से बच्चों को गलत दिशा में जाने से रोका जा सकता है और उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।