डिलारी। क्षेत्र के गांव सरकड़ा विश्नोई में विश्नोई मंदिर समिति के तत्वावधान में प्राचीन विश्नोई मंदिर पर श्री जम्भवाणी हरिकथा ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत चौथे दिन हरिद्वार के ब्रह्मलीन गोऋषि स्वामी राजेन्द्रा नन्द जी महाराज के शिष्य कथा व्यास आचार्य अमृतानंद ने कहा कि मानव जीवन का मोल पहचानें और इसको प्रभु के चरणों में सौंप दें। इसी से निश्चित ही कल्याण होगा। भगवान अपने बारे में मानव से हुई भूल को तो भुला सकते हैं लेकिन संतों को लेकर की गई भूल के दुष्परिणाम से वह भी नहीं बचाते। हरि कथा सुनने वालों का भगवान हमेशा कल्याण करते हैं। हरि कथा में कहा गया है जो भगवान को प्रिय हो वही करो, हमेशा भगवान से मिलने का उद्देश्य बना लो। जो प्रभु का मार्ग हो उसे अपना लो, इस संसार में जन्म-मरण से मुक्ति भगवान की कथा ही दिला सकती है। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। कथा में क्षेत्र के फरीदपुर कासम, मीरपुर मोहन, सुलतानपुर खददर, हरथला, मुरादाबाद , अगबानपुर, कांठ, डिलारी , आदि गांव से श्रद्धालु पहुंचे।