शनिवार को स्वार विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के साथ-साथ 11 निकायों में 04 मई को हुए मतदान के मतों की गिनती हुई। स्वार में सपा को शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके अलावा सपा को सबसे बड़ा झटका रामपुर में लगा, जो आजम खां गढ़ माना जाता है। पिछली बार यहां से सपा की प्रत्याशी फात्मा जबीं जीतीं थीं। इस बार उनको तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। यह सीट आम आदमी पार्टी की सना खानम ने झटक ली है। 2017 में मिलक से केतकी गंगवार तो बिलासपुर के मोहम्मद हसन खां जीते थे।
इन दोनों को भाजपा की दीक्षा गंगवार और चित्रक मित्तल ने हरा दिया है। पिछली बार स्वार से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रेशमा परवीन अंसारी जीती थीं। इस बार उन्होंने अपना दल (एस) के प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की है। टांडा से पिछली बार मेहनाज जहां निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीती थीं। इस बार वो भाजपा की प्रत्याशी के रूप में मैदान में थीं, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा। नगर पंचायतों में शाहबाद से पिछली बार शमा परवीन सपा के टिकट पर जीती थीं।
इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया तो वो बसपा के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर गईं। उनको सपा की सुमबुल नाज ने हरा दिया है। केमरी नगर पंचायत से कांग्रेस की फात्मा बेगम लड़ी थीं। वो इस बार चुनावी मैदान में नहीं थीं। इस सीट से आम आदमी पार्टी की रफत जहां से जीत हासिल की है। 2017 के निकाय चुनाव में भाजपा को सिर्फ मसवासी नगर पंचायत में जीत हासिल हुई थी। वहां हरिओम मौर्या जीते थे। लेकिन इस बार मौर्या को हार का सामना करना पड़ा है, वहां से निर्दलीय दिनेश गोयल ने जीत हासिल की है।
तीन निकायों में पहली बार चुनाव, दो पर सपा काबिज
इस बार जिले में तीन निकायों में पहली बार चुनाव हुए। इसमें से सैफनी और नगरपतनगर में सपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, तो दढ़ियाल से निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं।
2017 में निकाय चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
पार्टी, निकाय
भाजपा, 01
सपा, 04
बसपा, 00
कांग्रेस, 01
आप, 00
2022 में निकाय चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
पार्टी, निकाय
भाजपा गठबंधन, 03
सपा, 03
बसपा, 00
कांग्रेस, 00
आप, 02
निर्दलीय, 03