अयोध्या में जैसे-जैसे प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समय नजदीक आ रहा है, शहरवासी भगवान श्रीराम की भक्ति में डूब रहे हैं। मंदिरों में दीपोत्सव धूमधाम से मनाने के लिए जबरदस्त तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय पुजारी परिषद के पदाधिकारी मंदिर-मंदिर संपर्क कर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
श्यामकृष्ण रस्तोगी ने बताया कि गलशहीद में एक, पीर गैब में चार, भूड़ा चौराहा में एक और दौलत बाग में तीन मंदिर हैं, जहां ताला लगा हुआ है। इन मंदिरों में ताला खुलवाकर एक दिन पहले साफ-सफाई करवाई जाएगी और 22 जनवरी को दोपहर में जाकर पूजन किया जाएगा और शाम को दीये जलाए जाएंगे।
कानून गोयान, चौरासी घंटा, बरादरी, मकबरा, किसरौल,नागफनी, गुलाबबाड़ी, असालतपुरा में कुछ ऐसे मंदिर हैं, जहां आसपास सिर्फ तीन या चार परिवार ही हैं। उन लोगों को प्रेरित कर पूजन करवाया जाएगा।
हिंदू बहुल इलाकों में तो श्रद्धालु स्वयं ही पूजा करेंगे। लेकिन प्रशासन उन क्षेत्रों के मंदिरों में पूजा की व्यवस्था करवाए, जहां पर हिंदू परिवार बहुत कम रह गए हैं। हमने 150 मंदिरों में प्रयास किया है। यहां पर दीया जलाने और पूजन के लिए पुजारी, मोहल्ले या बाजार के लोगों को प्रोत्साहित किया गया है। अन्य करीब 50 मंदिर होंगे, जहां पर यह पूजन होगा। -श्यामकृष्ण रस्तोगी, संस्थापक, राष्ट्रीय पुजारी परिषद