पूरे दिन हुई बारिश के कारण भले ही जनजीवन प्रभावित रहा हो, लेकिन खेती को इससे लाभ पहुंचा है। ठाकुरद्वारा कृषि वैज्ञानिक केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि यह बारिश धान व गन्ने की फसल के लिए फायदेमंद है।
धान की रोपाई के लिए और गन्ने की सिंचाई के लिए डीजल की बचत होगी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खेत धान की रोपाई के लिए तैयार हो चुके हैं, उन्हें तुरंत रोपाई कर देनी चाहिए। गन्ने की फसल को भी सिंचाई की आवश्यकता महसूस हो रही थी। बारिश ने उस कमी को पूरा कर दिया है। इससे गन्ने की तेजी से बढ़वार होगी। जिन किसानों की गन्ने की फसल बड़ी हो गई है वह किसान अपनी गन्ने की फसल को आपस में बांध दें। क्योंकि बारिश से गन्ने की जड़े कमजोर हो जाती हैं और तेज हवा चलने पर उसके गिर कर नुकसान होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि साग-सब्जी की फसल के लिए भी यह बारिश नुकसानदेय नहीं है। लेकिन इसके लिए किसानों को अपने खेतों में पानी रुकने नहीं देना होगा। अगर कहीं खेत में पानी एकत्र है तो उसके निकास की व्यवस्था किसानों को करनी होगी।