स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अगवानपुर में करीब दस निजी अस्पतालों और दो पैथोलॉजी लैब पर छापा मारा। इस दौरान एक अस्पताल पंजीकृत पाया गया। जबकि बाकी अस्पताल और लैब के पेपर अधूरे होने पर नोटिस जारी किया गया।
अगवानपुर में एक अस्पताल की पोर्टल पर शिकायत हुई थी। बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अगवानपुर जांच के लिए पहुंची। जानकारी होने पर कस्बे के तमाम निजी चिकित्सकों ने अपनी दुकानों और अस्पतालों के शटर गिराकर बंद कर दिए। शेरुवा चौराहे पर एक अस्पताल के कागजातों का मुआयना किया।टीम को डॉक्टर अस्पताल में मिले और सर्जरी की व्यवस्था भी ठीक पाई गई। वहीं टीम ने कस्बे में करीब नौ छोटे बड़े चिकित्सालयों और दो लैबों पर छापा मारा। यहां अस्पतालों में डॉक्टर अनुपस्थित मिले। वहीं कागजात भी नहीं दिखा सके। लैब टेक्नीशियन भी मौके पर नहीं मिले। टीम ने लैब में ताला लगा दिया। यह सभी अस्पताल और क्लीनिक बिना रजिस्ट्रेशन चलते मिले। डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर अस्पतालों में छापा मारा था। एक अस्पताल में डॉक्टर और कागजात पूरे मिले। तीन से चार अस्पताल और क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।