मूंढापांडे। दलपतपुर पुलिस चौकी से एक किलोमीटर दूर टोल प्लाजा के पास बंद पड़ी सतरीठा फैक्टरी में दूध रीफिलिंग का खेल चल रहा था। सीओ ने छापे की कार्रवाई कर पांच ड्रम संदिग्ध दूध सहित अन्य उपकरण पकड़े। सूचना पर पहुंची खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन टीम ने दूध के नमूने भर कर जांच के लिए भेजे। पुलिस का कहना है कि दूध जांच की रिपोर्ट आने पर ही कार्रवाई हो सकती है।
हाईवे के क्षेत्राधिकारी देश दीपक को सूचना मिली कि कुछ लोग दुग्ध फैक्टरी में आने वाले टैंकर से शुद्ध दूध निकाल कर उसमें केमिकल से निर्मित दूध मिलाकर दूधियों को बेचते हैं। सूचना मिलने पर सीओ ने मूंढापांडे थाने की पुलिस को सूचना दिए बगैर मंगलवार सुबह हमराहियों के साथ छापा मार डाला। पुलिस ने टैंकर से दूध निकाल रहे मीरपुर गजरौला के एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पुलिस को देखते ही टैंकर चालक सहित अन्य लोग भाग निकले। पुलिस ने मौके से दूध भरे पांच ड्रम, छह खाली कैन, रीफिलिं करने वाली मशीन, पाइप, वसा मापने के उपकरण और केमिकल के साथ ही दूध से भरा हुआ टैंकर बरामद किया। सीओ ने बताया कि पकड़े गए टैंकर का चालक शाहजहांपुर से दूध लेकर गजरौला जा रहा था। पूछताछ के दौरान उसने धंधे में लिप्त अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी है। सीओ के बुलाने पर आई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने टैंकर और ड्रम में भरे दूध के नमूने लिए। पुलिस का कहना है कि सैंपल रिपोर्ट आने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूध खराब न हो इसलिए उसे बेचने की इजाजत दी गई है।
छह माह से चल रहा केमिकल युक्त दूध का खेल
हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि मार्च 2022 से दूध कारोबार के लिए बंद फैक्टरी किराए पर ली गई थी। टैंकरों से सस्ता दूध खरीदकर वह दूधियों के हाथ 45 रुपये प्रति लीटर बेचता था। टैंकर प्रतिदिन एक हजार लीटर दूध लाते हैं लेकिन स्थानीय पुलिस को यह खेल मालूम नहीं था या जानते हुए स्थानीय पुलिस ने मुंह फेर लिया था। इस बारे में स्थानीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं।