आधा घंटे देरी से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे प्रश्नपत्र, विद्यार्थियों का हंगामा
देहात और रामपुर के ध्यानार्थ...
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क्रासर...
- तीन घंटे के बजाय प्रश्नपत्र हल करने के लिए विद्यार्थियों को मिला सिर्फ ढाई घंटे का समय
- पेपर लीक होने के बाद निजी परीक्षा केंद्रों के लिए विश्वविद्यालय ने बदली है प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। इंटीग्रल डिग्री कॉलेज सैफनी रामपुर, श्री बांके लाल मेमोरियल महाविद्यालय व एसकेडीएम महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के लिए निर्धारित समय से आधा घंटा देरी से पहुंचे। इससे विद्यार्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर हंगामा किया। विद्यार्थियों का आरोप था कि उन्हें प्रश्नपत्र हल करने के लिए तीन घंटे के बजाय ढाई घंटे का ही समय मिला है।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने लगातार पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद निजी कॉलेजों में बने परीक्षा केंद्रों के लिए नियमों में बदलाव किया था। बृहस्पतिवार से निजी कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र वितरण (नोडल) केंद्रों से पेपर पहुंचाए गए थे। विश्वविद्यालय ने नोडल अधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले ही प्रश्नपत्र निजी कॉलेजों के अधिकारियों को देने के निर्देश दिए हैं। इंटीग्रल डिग्री कॉलेज सैफनी, रामपुर कार्यालय प्रभारी शकील अहमद ने बताया कि हिंदू कॉलेज से परीक्षा केंद्र की दूरी 32 किलोमीटर है। दोपहर तीन बजे से 20 छात्राओं की हिंदी साहित्य की परीक्षा थी। हिंदू कॉलेज को दोपहर 2.38 बजे पर प्रश्नपत्र मिले थे। हिंदू कॉलेज से आरटीओ ऑफिस तक वे जाम में फंस गए। केंद्र तक पहुंचने व अन्य प्रक्रिया में काफी समय लग गया। यही स्थिति सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे की पाली में हुई थी। करीब 70 छात्राओं को प्रश्नपत्र 11 बजे के बजाय साढ़े 11 बजे मिल पाया था। प्रश्नपत्र हल करने के लिए छात्राओं को ढाई घंटे ही मिल पाए। इससे अतिरिक्त समय नहीं दिया गया, क्योंकि यह नकल की श्रेणी में आ जाएगा।
यही स्थिति ब्लॉक भगतपुर टांडा के श्री बांके लाल मेमोरियल महाविद्यालय चांदपुर व एसकेडीएम महाविद्यालय सिरसवां हरचंद में हुआ। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार विश्नोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रथम एवं द्वितीय पाली में आधा घंटा देर से पेपर शुरू हुआ। इससे परीक्षार्थियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया।
वर्जन...
नोडल केंद्र से निजी कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों की दूरी अधिक है। विश्वविद्यालय को नोडल केंद्र इतनी दूर नहीं बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय के निर्देश हैं कि हम कॉलेज प्रभारियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले ही प्रश्नपत्र दे सकते हैं। विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित समय से कम मिलना गलत है।
डॉ. संजय कुमार रस्तोगी, नोडल अधिकारी, हिंदू कॉलेज
पेपर लीक होने के कई प्रकरणों को देखते हुए यह नियम बनाए गए हैं। पेपर देरी से पहुंचने की और छात्रों के हंगामे की कोई सूचना नहीं मिली है। शुक्रवार को इसकी जानकारी ली जाएगी। परीक्षा प्रभारियों को प्रश्नपत्र देने का जितना समय कम मिलेगा, उतना ही लीक होने आशंका कम रहेगी। प्रश्नपत्र सील बंद हैं। कम से कम तीन शिक्षक मिलकर केंद्र पर पैकेट खोलते हैं। इसकी वीडियोग्राफी करवाई जाती है और रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।
डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय