बिलारी पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने आए लोगों को बुधवार को आंबेडकर पार्क में कैद कर लिया। पुलिस ने पार्क के दोनों गेट पर ताले जड़ दिए और उन्हें कमिश्नर कार्यालय जाने से रोक दिया गया। प्रदर्शन करने वालों ने बिलारी पुलिस पर तीन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगाया। हालांकि, बाद में 10 लोगों को कमिश्नर कार्यालय जाने की अनुमति दी गई। इसके बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान पार्क के चारों ओर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहे।
भारतीय कश्यप सेना संगठन के तत्वावधान में बुधवार को सिविल लाइंस स्थित आंबेडकर पार्क में सभा की गई। जिसमें बिलारी, कुंदरकी और अन्य क्षेत्रों के लोग पहुंचे। सभा के बाद लोगों ने प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ सिविल अर्पित कपूर और एसीएम फोर्स लेकर पार्क में पहुंच गए।
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वह सभी लोग कमिश्नर कार्यालय पर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस पर पुलिस अफसरों ने सभी को रोक दिया। लोगों ने जबरन जाने की कोशिश की तो पार्क के दोनों गेट बंद कर दिए गए। सीओ ने 10 दिन में सभी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस पर लोग मान गए।
इसके बाद 10 लोग कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन लेकर पहुंचे और अपर आयुक्त सर्वेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष प्रताप सिंह खालसा, सहारनपुर मंडल के अध्यक्ष अनुज कश्यप, अलीगढ़ मंडल के अध्यक्ष अजय कांत जाटव, बुलंदशहर, रामपुर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ समेत अन्य जनपदों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये है मामला
संगठन के प्रदेश प्रभारी डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि बिलारी क्षेत्र में आठ जुलाई को खेत में काम कर रही एक महिला की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने केवल एक ही आरोपी को जेल भेजा। 25 अगस्त को बिलारी क्षेत्र से एक किशोरी को कुछ लोग अगवा कर ले गए थे।
पुलिस ने इस मामले में किशोरी को बरामद कर लिया, लेकिन आरोपी को नहीं पकड़ा। किशोरी को कोर्ट में पेश करने के बाद नारी निकेतन भेज दिया। इसी थाना क्षेत्र में तीन अगस्त को एक युवती को अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। युवती के कोर्ट में बयान भी दर्ज नहीं कराए गए। इसी के विरोध में लोगों ने बिलारी पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।