परिजनों ने बताया कि इकलौता बेटा दिवाली की रात से बुखार से पीड़ित था। कुछ दिनों तक बिलारी में ही एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया, लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। उसकी प्लेटलेट्स लगातार कम होती रहीं। खून की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद छात्र को मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बृहस्पतिवार सुबह उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं जिले में डेंगू के पांच नए मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव कराना भी छोड़ दिया है। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि डेथ ऑडिट कराया जाएगा। गांव में एंटी लार्वा छिड़काव के लिए टीम भेजी जाएगी।