मुरादाबाद। जिला अस्पताल को स्मार्ट और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और कार्य होने जा रहा है। अपने अस्पताल में चार बेड की पीडियाट्रिक हाई डिपेंडेंसी यूनिट बनाने की तैयारी चल रही है। नया बजट जारी होने के बाद मई में यूनिट बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए एनएचएम से पांच नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की गई है।
एचडीयू में उन बाल रोगियों को रखा जाएगा, जिन्हें नजदीक से निगरानी की जरूरत होगी। उन्हें आईसीयू की जरूरत नहीं होगी लेकिन साधारण वार्ड की अपेक्षा ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत होगी। जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र ने बताया कि इसके लिए वार्ड चिह्नित कर लिया गया है। बजट मिलने के बाद उसमें मरम्मत कार्य कराया जाएगा। एचडीयू में वेंटिलेंटर की जरूरत नहीं होगी लेकिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना होगा। इसके अलावा पल्स, हार्टबीट, बीपी आदि छोटी-छोटी निगरानी के लिए उपकरण लगाए जाएंगे। वार्ड में शीशे के दरवाजे होंगे और इसे वातानुकूलित बनाया जाएगा। एचडीयू में सिर्फ बाल रोगी की मां को जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा यदि किसी को मिलना है तो उन्हें मास्क, शूज, कैप व अन्य नियमों का पालन करते हुए प्रवेश की अनुमति होगी। मई में इस यूनिट को शुरू करने की योजना है।
पैलिएटिव केयर वार्ड भी है तैयार
अंतिम स्टेज वाले कैंसर के रोगियों को दर्द से आराम देने के लिए जिला अस्पताल में पैलिएटिव केयर वार्ड भी तैयार है। कैंसर, सीएचएफ, सीओपीडी, एल्जाइमर के ऐसे मरीज जिनके लिए ठीक होने की संभावनाएं खत्म हो चुकी हैं व बीमारी अंतिम स्टेज पर है, परिवार उनकी दवाओं का खर्च वहन नहीं कर सकता, ऐसे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में पैलिएटिव केयर वार्ड शुरू किया गया है। फिलहाल इस वार्ड में कोई मरीज नहीं है लेकिन 10 बेड के वार्ड में पूरी व्यवस्थाएं है। एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता का कहना है कि मरीज आने पर दर्द निवारक इंजेक्शन, अन्य दवाएं व व्यवहार थैरेपी भी दी जाएगी।