सीए श्वेताभ तिवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सीए हत्याकांड की साजिश रचने के आरोपी भाजपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक की पुलिस ने रिमांड मांगी है। पुलिस की ओर से अदालत में सोमवार को प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी। अदालत की ओर से जेल प्रशासन को पत्र लिखकर ललित कौशिक को तलब किया गया है।
पंद्रह फरवरी को दिल्ली रोड पर सिविल लाइंस के साईं गार्डन निवासी सीए श्वेताभ तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस 31 मार्च को पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव सरन शर्मा और कोतवाली के रेती स्ट्रीट मोहल्ला निवासी विकास शर्मा को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा था। जिसमें पुलिस ने दावा था कि इस हत्याकांड की साजिश दीन दयाल नगर निवासी ललित कौशिक और विकास शर्मा ने रची थी। जबकि गोलियां शूटर केशव ने दागी थीं। हरथला निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम बाइक चला रहा था। अब इस मामले में मझोला थाने की पुलिस ने ललित कौशिक को रिमांड पर ले रही है। मझोला प्रभारी की ओर से सोमवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। जिसमें मंगलवार को सुनवाई होगी। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि ललित कौशिक को रिमांड पर लिया जाएगा।
कोर्ट की निगरानी में केस की विवेचना कराने की मांग
सीए हत्याकांड में जेल भेजे गए विकास शर्मा की बहन ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिसमें मांग गई है कि सीए हत्याकांड की विवेचना कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।
कोतवाली के रेती स्ट्रीट निवासी संगीता शर्मा ने अपने अधिवक्ता अभिषेक शर्मा के जरिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। जिसमें कहा गया है कि उनके भाई विकास शर्मा को मझोला थाने की पुलिस ने अगवानपुर क्षेत्र से उठाया था और उसे अवैध हिरासत में रखा था। इस संबंध में अदालत में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था। जिसमें मझोला थाने की पुलिस ने विकास शर्मा की गिरफ्तारी को सिरे से नकार दिया था। जिसके बाद पुलिस ने विकास शर्मा को सीए हत्याकांड में गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया है। महिला का कहना है कि पुलिस द्वारा न केवल अदालत को गुमराह किया गया बल्कि एक निर्दोष को मुकदमे में फंसाया गया है। अदालत ने पूरे मामले में थाना प्रभारी से पंद्रह अप्रैल तक रिपोर्ट तलब की है।