तीन दिन पहले जंगल में हुई गोकशी के मामले में एसपी ने रहरा के थाना इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर वाचक अशोक कुमार वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। गोवंशों की हत्या के बाद हिंदू संगठन आक्रोशित हैं। पुलिस आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। जबकि संदिग्ध गोतस्कर को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम से हाथापाई हुई। जिससे पुलिस की किरकिरी हुई।
रहरा थानाक्षेत्र के चंदनपुर खादर के जंगल में छह से सात गोवंशीय पशुओं की हत्या कर दी गई थी। बुधवार की सुबह गन्ने के खेत में पशुओं के अवशेष मिले थे। बुधवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर हंगामा किया था। हिंदू संगठनों ने शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ गोवध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया था। बृहस्पतिवार की शाम थाना पुलिस ने गांव नानई खादर में संदिग्ध गोतस्कर को हिरासत में लिया था। जिसे लेकर ग्रामीणों ने पुलिस को घेरकर अभद्रता की थी। इस दौरान संदिग्ध गोतस्कर मौके से फरार हो गया था। उसकी पत्नी पुलिस की कार की चपेट में आकर घायल हो गई थी। ग्रामीणों ने एक सिपाही को बंधक बनाया था। गोकशी के तीन दिन बाद पुलिस की कार्रवाई शून्य रही। जिसको गंभीरता से लेकर बृहस्पतिवार की देर रात एसपी आदित्य लांग्हे ने इंस्पेक्टर वरुण कुमार को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके स्थान पर वाचक अशोक कुमार वर्मा को थाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं पुलिस लाइन से वीरेंद्र प्रसाद सिंह को वाचक एसपी बनाया है।