ठाकुरद्वारा। नगर पालिका परिषद की कोतवाली के सामने स्थित विवादित भूमि के स्वामित्व की रिपोर्ट पुलिस को तहसील से नहीं मिल सकी है। इस कारण नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान सैफी के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी का निस्तारण नहीं हो सका है। चार मई को नगर पालिका परिषद ने कोतवाली के सामने स्थित गाटा संख्या 51, 52 को अपना बताते हुए वहां खोखा रखने का प्रयास किया था जिसका व्यापारी अवनीश सिंघल ने विरोध किया था। इसपर नगर पालिका के कर्मचारी खोखे को उठाकर ले गए थे। फिर अवनीश सिंघल ने नगर पालिका अध्यक्ष और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ 50 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसकी पुलिस विवेचना कर रही थी। पुलिस ने एसडीएम को पत्र लिखकर विवादित भूमि के स्वामित्व के बारे में जानकारी मांगी थी। एसडीएम ने इस बारे में तहसीलदार को जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। इस पर तहसीलदार ने नगर पालिका परिषद से गाटा संख्या 51, 52 के बारे में अपने स्वामित्व के प्रमाण को प्रस्तुत करने को कहा। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि दो बार तहसील को मांगी गई रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। उधर इस बारे में तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट मिली है लेकिन उनको अभी वह देख नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र रिपोर्ट भेज दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि विवादित भूमि पर कई वर्ष पहले खोखा आवंटन लेने वाले सुरेश कुमार और हामिद अली ने भी कोर्ट के आदेश से व्यापारी अवनीश सिंघल और उनके भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने एफआर लगा दी है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार का कहना है कि अभी तहसील से भूमि संबंधित रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट की विवेचना पूरी होगी।