मुरादाबाद। कांवड़ यात्रा के बीच यहां संपन्न लेखपाल भर्ती परीक्षा के कारण शहर के लोगों को रविवार घंटों जाम से जूझना पड़ा। पेपर खत्म होने के बाद लगभग 16 हजार अभ्यर्थी एक साथ परीक्षा केंद्रों से निकले तो शहर के लगभग सभी मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। लेखपाल भर्ती की परीक्षा छूटने के समय तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त सी हो गई। व्यवस्था संभालने के इम्तिहान में पुलिस फेल हो गई।
रविवार ट्रैक्टर-ट्राली, बाइक, दो पहिया व चार पहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल हजारों की संख्या में कांवड़िये शहर से गुजरे। हालांकि इनकी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले ही ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया है। हाईवे पर डिवाइडरों के अधिकांश कटों को भी बंद कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद कांठ, दिल्ली और स्टेशन रोड पर कांवड़ियों की भीड़ के साथ सुबह से ही रुक-रुक कर इन मार्गों पर जाम लगता रहा।
लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर शहर के कांठ रोड, दिल्ली रोड, पीलीकोठी, ईदगाह और स्टेशन रोड समेत शहर के विभिन्न स्थानों 15740 अभ्यर्थियों के लिए 33 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसके लिए पांच हजार से अधिक अभ्यर्थी शनिवार रात में ही शहर पहुंच गए थे। सुबह सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए आठ बजे से ही विभिन्न माध्यमों से अभ्यर्थियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ गया था। कांवड़ यात्रा के बीच इन अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने को लेकर सुबह नौ बजे से ही शहर के कांठ रोड, स्टेशन रोड, पीलीकोठी से फव्वारा रोड पर जाम की समस्या पैदा होती रही। 12 बजे जब पेपर छूटा तो अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों की भीड़ भी एकाएक सड़कों पर आने से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ऑटो-रिक्शा का संचालन लगभग ठप रहने के कारण हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों से पैदल दो से तीन किमी तक चल कर रेलवे अथवा बस स्टेशन तक जाना पड़ा। इसके चलते शहर के स्टेशन रोड, कांठ रोड, पीलीकोठी-फव्वारा चौराहा रोड के साथ-साथ लोकोशेड पुल पर भी लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ा। पुलिस प्रशासन को भी ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने में पसीने छूट गए।