एएसपी डॉ. संसार सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले प्रमोद को लाखन ने परिवार में समस्या बताई थी। प्रमोद ने झाड़-फूंक करके समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसी बहाने वह मुरादाबाद के थाना बिलारी के ग्राम सिहारी निवासी रिश्तेदार बिजनेश के साथ लाखन के घर आया। झाड़-फूंक के बहाने पानी में नशीली गोली मिलाकर पिला दिया। इसके बाद उसे गांव के बाहर जंगल ले जाकर चाकू से गले पर तीन वार कर मौत के घाट उतार दिया। इसे पूरी प्रकरण में लाखन की पत्नी भी मददगार बनी।
किसी को शक न हो इसलिए हत्या के बाद लाखन के भाइयों को शव मिलने सूचना दी। साथ ही शातिर तरीके से रिपोर्ट भी दर्ज कराई। शव के पास मिले काले कपड़े और सिंदूर से पुलिस का संदेह तंत्र-मंत्र करने वाले प्रमोद पर गया। विवेचना के दौरान पुलिस का लाखन की पत्नी पर संदेह गया। पुलिस ने बुधवार को आरोपी बिजनेश और कुसुम को रायपुर तिराहा से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया। अभी आरोपी प्रमोद फरार है। घटना का खुलासा करने वाली टीम थानाध्यक्ष शरद पंवार, नरेश कुमार, निरीक्षक अमरीश कुमार, अजय कुमार सिंह, उप निरीक्षक प्रमोद कुमार, भावना चौधरी, लोकेंद्र, मोनू और बीनू को नकद पुरस्कार की घोषणा की गई। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
पत्नी ने गढ़ी थी गायब होने की झूठी कहानी
लाखन का शव तो शुक्रवार (30 जून) की सुबह जंगल में मिला, लेकिन परिजनों ने बताया कि वह दो पहले से ही घर से लापता था। शव मिलने के दिन लाखन की पत्नी ने जो कहानी सुनाई थी वह सब झूठ निकली। लाखन की पत्नी ने बताया था कि 29 जून की शाम को किसी ने फोन करके लाखन को बुलाया था और उसके बाद वह नहीं लौटा। सुबह लाखन का शव जंगल में मिला था।
फरार प्रमोद की तलाश में जुटीं टीमें
लाखन की हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी व उसके प्रेमी के दोस्त को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी प्रमोद भगत अभी फरार है। प्रमोद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जुट गई हैं।
पिता की हत्या, मां जेल में, बेसहारा हो गए बच्चे
लाखन की हत्या और कुसुम के जेल जाने के बाद उनके दो बच्चे नौ साल की बेटी सिमरन और दो साल का बेटा सुमित अब बेसहारा हो गए। फिलहाल दोनों बच्चे अपने चाचा आकाश के पास हैं।