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पुलिस ने 17 साल से फरार चल रहे धोखाधड़ी के तीसरे आरोपी को पकड़ा

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कांठ। सत्रह साल पहले जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कांठ में फर्जी अंकपत्रों के आधार पर विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त करने के मामले में नामजद होकर फरार चल रहे पांच वांछित आरोपियों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार की। सत्रह साल के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
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मुरादाबाद जिले का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कांठ नगर में स्थित है। वर्ष 2005 में पंद्रह प्रशिक्षुओं ने शिक्षक बनने के लिए विशिष्ट बीडीसी का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। जब इन प्रशिक्षुओं के अंक पत्रों की जांच हुई तो ये फर्जी पाए गए थे। इस पर वर्ष 2005 में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्या मधुरानी गुप्ता ने सभी पंद्रह प्रशिक्षुओं के खिलाफ कांठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने पंद्रह में से आठ फर्जी प्रशिक्षुओं को तो पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन सात आरोपी अभी भी फरार चल रहें थे। वांछित चल रहें आरोपियों में अशोक कुमार पुत्र प्रेमशंकर को पुलिस ने शुक्रवार को दबिश देकर उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी संभल जिले के इनायतनगर थाना क्षेत्र के नंगला खोखर गांव का निवासी है। बताते चले तेरह दिन पहले पुलिस ने इसी मामले में वांछित इंद्रजीत सिंह पुत्र रघुवीर निवासी गंगादासपुर थाना अचौड़ा कम्बोह असमौली जनपद संभल, विकास सक्सेना पुत्र सुरेशचंद्र सक्सेना निवासी मोहल्ला प्रकाश नगर लाइन पार थाना मझोला मुरादाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अशोक कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में चार आरोपी वांछित है। पुलिस शेष रह गए चार अन्य आरोपियों को भी पकड़ने के लिए दबिशें दे रही है। पुलिस का कहना है कि शेष चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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..फोटो सं. 11
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