सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग के सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश में सोमवार को सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने कई जगह जगह दबिश दी। लेकिन अब तक पुलिस योगेश और सुचित को नहीं पकड़ सकी है। इस मामले में पुलिस ने रविवार दोपहर सॉल्वर समेत तीन आरोपी जेल भेजे थे।
सिविल लाइंस स्थित महाराज अग्रसेन इंटर कॉलेज में सिपाही भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी ठाकुरद्वारा के शिव नगर पत्थरखेड़ा निवासी अभिषेक कुमार की जगह परीक्षा देते हुए सॉल्वर अवनीश कुमार पकड़ा था। अवनीश बिहार के सीतामढ़ी जनपद के दुर्गा पथ पटेल टोला बर्गेनिया निवासी है। उससे पूछताछ के बाद ही अवनीश और एक अन्य अभ्यर्थी मनीष यादव को गिरफ्तार किया था। डिलारी के इग्राहा सहसपुरी निवासी मनीष की जगह बिहार के जमुई निवासी कुमार गौरव परीक्षा देने आया था। लेकिन अवनीश के पकड़े जाने के बाद कुमार गौरव और गिरोह का सरगना अभिनव आलोक भाग गए थे। सॉल्वर अवनीश और कुमार गौरव को बिहार के चंपारण जनपद के बरवाड़ा सितार ढाका निवासी अभिनव आलोक लेकर आया था। जबकि अभिषेक और मनीष से ठाकुरद्वारा के राजोपुर मिलक निवासी योगेश यादव और उसके रिश्तेदार सुचित कुमार निवासी विजय नगर डूगरपुर थाना ठाकुरद्वारा ने दस-दस लाख रुपये में सॉल्वर बैठाने का सौदा तय किया था। योगेश यादव ने अभिनव आलोक से एक-एक लाख रुपये में सॉल्वर उपलब्ध कराने का सौदा किया था। शनिवार को गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी जेल भेज दिए थे। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।