बैंकों में दो हजार के नोट बदलने का सिलसिला सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन ही चिलचिलाती धूप में तमाम लोग कैश काउंटर पर गुलाबी नोट बदलने पहुंचे। कई लोग ऐसे भी दिखे जिनका बैंक में खाता तो है लेकिन वे फिर भी फार्म भरकर दूसरे बैंक से नोट बदल रहे हैं। लोगों में भ्रांतियां हैं कि खाते में दो हजार के नोटों के जरिये रुपये जमा करने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है। यदि आपका खाता बैंक में है तो सामान्य दिनों की तरह रुपये जमा किए जा सकते हैं। इसके लिए कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं देनी होगी। जो लोग फार्म भरकर नोट बदल रहे हैं, वे एक दिन में केवल 10 नोट ही बदल सकते हैं। बैंककर्मी उनके पहचानपत्र को पोर्टल पर सेव कर रहे हैं। सोमवार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली रोड स्थित एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी मझोला शाखा, सिविल लाइंस शाखा, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक मुख्य शाखा और इलाहाबाद बैंक (अब इंडियन बैंक) में कैश काउंटर पर लोगों की कतार लगी थीं।
बैंक कर्मियों ने बताया कि खाते में दो हजार के नोट जमा करने पर कोई अतिरिक्त औपचारिकता नहीं करनी होगी। जबकि जिन लोगों का खाता बैंक में नहीं है, उन्हें फार्म भरने के बाद अपनी एक आईडी की छायाप्रति भी देनी होगी। बैंकों के अलावा पेट्रोल पंप पर भी लोग दो हजार के नोट लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं इसका असर रेलवे टिकट काउंटर और बिजली बिल काउंटर पर भी देखने को मिल रहा है। लोग अपने बकाया बिल को जमा करने में दो हजार के नोट दे रहे हैं। जबकि जिन लोगों ने छुट्टियों में परिवार संग घूमने का प्लान बनाया है। वे रेलवे के रिजर्वेशन कराने काउंटर पर दो हजार के नोट लेकर पहुंच रहे हैं।
रेलवे में दो हजार के नोट के साथ आईडी की जरूरत नहीं
रेलवे बोर्ड को शिकायत प्राप्त हुई थी कि कुछ काउंटरों पर रेलकर्मी लोगों से दो हजार के नोट नहीं ले रहे हैं। कहीं -कहीं 10 से ज्यादा नोट देने पर यात्री की आईडी मांगी जा रही थी। सोमवार को रेलवे बोर्ड व जोनल मुख्यालय ने इसके लिए एक पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि दो हजार के नोट लीगल टेंडर (वैध) हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं आई है, कि नोट न लिए जाएं। लिहाजा सभी स्टाफ को यात्रियों से टिकट बुकिंग या अन्य सेवाओं के बदले दो हजार के नोट स्वीकार करने के आदेश दिए गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों के पास बढ़ा नोट का कलेक्शन
पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि लोग 50 रुपये का पेट्रोल डलवाने के लिए भी दो हजार का नोट लेकर पहुंच रहे हैं। शहर में पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन तीन से चार लाख रुपये का कलेक्शन होता है। अब भी इतना ही कनेक्शन हो रहा है लेकिन इनमें दो हजार के नोटों की संख्या बढ़ गई है। जबकि नोटबंदी की घोषणा से पहले दिन में मुश्किल से 10 नोट आते थे।
- इतनी जल्दी दो हजार के नोट बंद करने का उद्देश्य समझ नहीं आया। इससे बेवजह लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि नोट बदलने के लिए काफी समय दिया गया है लेकिन लोगों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- सतीश कुमार वर्मा
- पिछले दो साल से मैंने दो हजार का नोट एटीएम से निकलता नहीं देखा। यदि इतनी जल्दी बंद ही करना था तो चलाया क्यों गया। अब फिर लोगों का समय व्यर्थ हो रहा है।
- शशि कुमार
- परेशानी उन लोगों को हो सकती है, जिनके पास काला धन है। आम जनता को न तो पहले कोई परेशानी थी और न ही अब है। बैंकों में आराम से नोट बदले जा रहे हैं।
- निर्मल गुप्ता
- सभी बैंकों में दो हजार के नोट बदले जा रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है कि खाते में जमा करेंगे तो आपसे अतिरिक्त पूछताछ की जाएगी। लोग अफवाहों से बचें और बैंकों में पहुंचकर नोट बदलवाएं।
- विशाल दीक्षित,
अग्रणी जिला प्रबंधक