मुरादाबाद। बिलारी थाना क्षेत्र के नौसना गांव में बृहस्पतिवार रात कांवड़ियों के जत्थे पर दूसरे वर्ग के लोगों ने पथराव कर दिया। घटना में एक दरोगा, सिपाही और छह कांवड़िये घायल हो गए। पुलिस ने प्रधान के बेटे समेत 32 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
नौसना गांव से 26 जुलाई को शिव भोले कांवड़ बेड़ा समिति के तत्वावधान में 32 शिवभक्तों का बेड़ा हरिद्वार से कांवड़ लेने गया था। बृहस्पतिवार शाम जत्था शिव मंदिर पहुंच गया। रात लगभग साढ़े आठ बजे कांवड़ियों का जत्था शिव मंदिर से आगे बढ़ा, तभी मंदिर के आसपास रहने वाले दूसरे वर्ग के लोगों ने यह कहते हुए विरोध करना शुरू कर दिया कि जत्था नए रास्ते से डीजे के साथ निकाला जा रहा है।
जत्थे में कांवड़ियों के साथ गांव की महिलाएं और पुरुष भी चल रहे थे। जत्था रोके जाने पर सभी ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए। जैसे ही कांवड़ियों का जत्था शिव मंदिर से गांव की मस्जिद के रास्ते पर बढ़ा, तभी दूसरे वर्ग के लोगों ने घरों की छतों से पथराव शुरू कर दिया। पथराव में दरोगा शांतनु जावला, सिपाही कौशल कुमार और कांवड़िये सुरेश, तारावती, कैलाशो, सुनीता, सुनील और कल्याण सिंह घायल हो गए।
पुलिस ने नौसना गांव के प्रधान बेचा खां के बेटे फारुख समेत 32 नामजद और 20 अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने फारुख खां, फिरोज खां, इकरार खां और अशरफ जान खां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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घटना के बाद कांवड़ियों ने जलाभिषेक से किया इन्कार
घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी सतपाल अंतिल, एसपी देहात संदीप कुमार मीना समेत अन्य अधिकारी भी गांव पहुंच गए। इसके बाद कांवड़ियों को सुरक्षित गांव के स्कूल तक पहुंचाया। घटना के विरोध में कांवड़ियों ने जलाभिषेक करने से इन्कार कर दिया। हालांकि, पुलिस अफसरों के मनाने पर शुक्रवार सुबह शिव मंदिर में जलाभिषेक किया, जबकि कुछ कांवड़ियों ने संभल के बेरनी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।
गांव में पूरी तरह से शांति है। एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। 32 नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी