टांडा। क्षेत्र में बारिश होते ही लालपुर स्थित कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी पार करने के लिए कोई व्यवस्था न होने से लोगों को मजबूरी में जान हथेली पर रखना पड़ रहा है। नदी में नाव की जगह बैलगाड़ी को उतारा जा रहा है। इस पर बैठकर लोग नदी पार करते हैं। इतना ही नहीं बैलगाड़ी पर मोटरसाइकिल व अन्य सामान भी रखकर इस पार से उस पार जाते हैं। दरअसल नदी पर स्थायी पुल न होने से कारण हर साल लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्राम लालपुर स्थित कोसी नदी पर स्थायी पुल का निर्माण पूरा न होने और अस्थायी पुल को मानसून आते ही हटाने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। लोग लंबी दूरी से बचने के लिए जान जोखिम में डालकर कोसी नदी पार कर रहे हैं। पहले पैदल नदी पार करते थे और अब बारिश के बाद कोसी का जलस्तर कुछ बढ़ गया तो बैलगाड़ी पर सवार होकर नदी पार कर रहे हैं। इतना ही नहीं लोग अपने साथ-साथ अपने दोपहिया वाहन को भी बैलगाड़ी पर लादकर दूसरी ओर जा रहे हैं। वहीं बैलगाड़ी वाले भी 40-40 रुपये लेकर दोपहिया वाहनों समेत ग्रामीणों को बैलगाड़ी से नदी पार करा रहे हैं।
नवाबी दौर में रामपुर से टांडा आने के लिए ग्राम लालपुर स्थित कोसी नदी पर पुल बनवाया गया था। पुल के पुराना होने के कारण सपा शासन काल में 2016 में सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने इसे तुड़वाकर कोसी नदी पर नए पुल के निर्माण को मंजूरी दिलाई थी। इसके बाद जब प्रदेश में सरकार बदली तो पुल का निर्माण कार्य रुक गया। पुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों को अस्थायी पुल का सहारा मिला, लेकिन वो भी मानसून आते ही हटा दिया जाता है। लोगों की आवाज उठी तो प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पुन: पुल का निर्माण शुरू कराया। फिलहाल पुल निर्माण कार्य चल रहा है, जो दिसंबर माह तक पूरा होने की संभावना है।