मुरादाबाद। अदालत का आदेश नहीं मानना मझोला थाना प्रभारी को भारी पड़ गया। अदालत ने थाना प्रभारी पर सौ रुपये का जुर्माना लगाया है।
मझोला थानाक्षेत्र के जयंतीपुर बगिया निवासी अनिल कुमार यादव ने 13 मई 2008 को अपने भाई रविंद्र उर्फ बिल्लू की गुमशुदगी मझोला थाने में दर्ज कराई थी। जिसके कुछ दिन बाद पुलिस ने रविंद्र की लाश बरामद करने के बाद जयंतीपुर के रहने वाले सुनील, महेंद्र और शकुनी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। इस मामले में तीनों ही आरोपियों को जमानत मिल गई थी। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अरविंद कुमार सिंह द्वितीय की अदालत में चल रहा है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने बताया कि आरोपियों में सुनील और महेंद्र लगातार अदालत में प्रस्तुत हो रहे हैं लेकिन शकुनी एक अप्रैल 2017 से फरार है। जिसके खिलाफ अदालत ने वारंट के साथ साथ उसकी संपत्ति कुर्की वारंट जारी किए और उसके जमानतियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश मझोला थाना प्रभारी को दिए थे लेकिन थाना प्रभारी द्वारा अदालत के आदेश पर न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही किसी प्रकार की आख्या अदालत में पेश की। थाना प्रभारी के इस रवैये से अदालत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए थाना प्रभारी पर आदेशों की अवहेलना करने पर 100 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।