मुरादाबाद। लोगों में डेंगू की दहशत का फायदा उठाकर कुछ निजी लैब संचालक जांच के मनमाने दाम वसूल रहे हैं। डेंगू की पुष्टि के लिए एनएस-1 एलाइजा जांच जिला अस्पताल में मुफ्त हो रही है। निजी लैब के लिए शासन ने इसका शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया है। जबकि शहर में लैब संचालक 700 से 1400 रुपये तक वसूल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का इस पर कोई अंकुश नहीं है। जबकि 30 अगस्त को सीएमओ कार्यालय से शासन के आदेश का सर्कुलर जारी हो चुका है। इसमें स्पष्ट लिखा है कि एलाइजा विधि से डेंगू की जांच के लिए निजी लैब संचालक अधिकतम 600 रुपये शुल्क ले सकेंगे। रविवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि जांच के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है। डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए आम तौर पर दो प्रकार के टेस्ट डॉक्टर लिख रहे हैं। इसमें एनएस-1 टेस्ट और एलाइजा टेस्ट शामिल हैं। लक्षण होने पर पांच दिनों के भीतर एनएस-1 टेस्ट कराना चाहिए। शुरुआती दिनों में यह सटीक परिणाम देता है, लेकिन लक्षण बढ़ने पर प्रमाणिकता कम होने लगती है।
वहीं एलाइजा सबसे भरोसेमंद जांच है। इसमें डेंगू का परिणाम शत प्रतिशत तक सही आता है। एलाइजा टेस्ट भी दो तरह से किए जाते हैं। पहला आईजीएम और दूसरा आईजीजी। आईजीएम टेस्ट डेंगू के लक्षण आने से 3-5 दिन के अंदर कराना चाहिए। आईजीजी टेस्ट 5 से 10 दिन के अंदर कराना अनिवार्य है। मुरादाबाद के लैब संचालक एलाइजा टेस्ट के ही अलग अलग दाम वसूल रहे हैं।
डेंगू से बचाव के उपाय
- डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, पूरा बदन ढकने वाले कपड़े पहनें
- घर के कूलर, गमलों, में पानी जमा नहीं होने दें
- फ्रिज के पीछे लगी ट्रे की नियमित सफाई करें
- मच्छरदानी और मच्छरों को भगाने वाले कॉयल का प्रयोग करें
- बुखार आने पर डॉक्टर से सलाह लें
डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द
- जी खराब होना और उल्टी आने जैसा महसूस होना
- आंखों में दर्द और ग्रंथियों में सूजन
- त्वचा पर लाल चकत्ते और थकान महसूस होना
कहां कितना लिया जा रहा शुल्क
डॉ. लाल पैथ लैब (लोकोशेड) - 1400 रुपये
एडवांस पैथ लैब (नवीन नगर) - 1200 रुपये
इंडियन पैथ लैब (नया गांव) - 1200 रुपये
पैथकाइंड लैब (मानसरोवर कॉलोनी) - 1100 रुपये
सहारा पैथलैब (नागफनी) - 1100 रुपये
मीरा पैथोलॉजी (पीएसी) - 1100 रुपये
रेडक्लिफ लैब (खुशहालपुर रोड) - 700 रुपये
जो निजी लैब संचालक डेंगू की जांच के लिए नियमित दरों से ज्यादा शुल्क वसूल रहे हैं, उनके खिलाफ चेतावनी पत्र जारी किया जाएगा। जांच के बाद कार्रवाई भी की जाएगी।
- डॉ. संजीव बेलवाल, डिप्टी सीएमओ