सोनकपुर गांव निवासी और पाकिस्तान में जन्मीं शकीला बेगम (65) की सोमवार शाम मौत हो गई। शकीला सांस की बीमारी से पीड़ित थीं। शकीला की मौत की खबर पर पुलिस और एलआईयू ने सोनकपुर गांव में जांच पड़ताल की। शकीला बचपन में लांग टर्म वीजा पर मां के साथ पाकिस्तान से भारत आई थीं।
मुरादाबाद के मोहल्ला लालबाग निवासी सईदा बेगम भारत-पाक विभाजन से पहले पति के साथ कारोबार के सिलसिले में पाकिस्तान चली गईं थीं। पाकिस्तान में करीब आठ वर्ष रहने के दौरान सड़क हादसे में सईदा के पति की मौत हो गई। पाकिस्तान में कोई कामकाज और सहारा न होने पर सईदा बेगम अपनी तीनों बेटियों के साथ लांग टर्म वीजा पर मुरादाबाद स्थित मायके आ गईं। उस समय सईदा बेगम की बड़ी बेटी शकीला पांच वर्ष, लईका तीन वर्ष और जमीला एक वर्ष की थी। मायके वालों ने सईदा बेगम का निकाह पाकबड़ा के पास भैंसोड़ा गांव निवासी भूरे हुसैन से कर दिया था। शकीला के बड़े होने पर परिजनों ने उसका निकाह बिलारी क्षेत्र के सोनकपुर गांव निवासी मोहम्मद सिद्दीक के साथ कर दिया था।
शकीला के दो बेटे फरमूद व महमूद हैं, जो गांव में कारपेंटरी का काम करते हैं। वहीं शकीला की छोटी बहन जमीला की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है, जबकि उसकी मंझली बहन लईका बिलारी क्षेत्र के खंडुआ गांव में पति अलीबख्श के साथ रह रही हैं।
शकीला के बेटे फरमूद ने बताया कि उसकी मां करीब चार माह से सांस की बीमारी से पीड़ित थीं। सोमवार शाम को उनकी मौत हो गई। परिजनों ने सोनकपुर पुलिस को इसकी जानकारी दी। जिस पर पुलिस और एलआईयू के अधिकारी मंगलवार सुबह सोनकपुर गांव पहुंचे और शकीला की मौत के संबंध में जानकारी जुटाई। शकीला के दफन में रिश्तेदारों और आसपास के ग्रामीणों की भीड़ रही। शकीला की बहन लईका ने बताया कि उन्हें सिर्फ इतना पता है कि तीनों बहनों का जन्म पाकिस्तान में हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान में रहने के बारे और जानकारी नहीं है।