मुरादाबाद। घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा होने के बाद भी लोग थाने और चौकी के चक्कर लगा रहे हैं। जनवरी से 25 सितंबर तक जिले के सभी थानों में 7189 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें सिर्फ 34 ई-एफआईआर हैं। एक फीसदी से भी कम लोगों ने ई-एफआईआर दर्ज कराई। जानकारों का कहना है कि एप डाउनलोड करने में होने वाली परेशानी और जागरूकता के अभाव में लोग थाने-चाैकी जाकर रिपोर्ट दर्ज कराना ज्यादा आसान समझते हैं।
यूपी पुलिस ने पांच साल पहले यूपीकॉप नाम से एप लांच करने के बाद बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया था। एप को लांच करने का मकसद था कि सामान्य अपराध के मामलों में लोग घर बैठे ही एफआईआर दर्ज करा सकें। उनका चौकी और थाने जाने में बर्बाद होने वाला समय बचे, लेकिन लोगों ने इस एप पर ज्यादा भरोसा नहीं जताया। इसके बाद एप को अपडेट किया गया। अब एप के माध्यम से चोरी, चेन, पर्स व मोबाइल स्नेचिंग, साइबर अपराध में भी ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती हैं।
किसी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करानी हो या फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगवानी है। इस एप के जरिये आसानी से मिल सकती है। इसके बावजूद लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस साल एक जनवरी से लेकर 25 सितंबर तक जनपद के सभी थानों में 7189 केस दर्ज किए गए। इनमें सिर्फ 34 ई-एफआईआर ही दर्ज की गई हैं।
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ऐसे कराएं ई-एफआईआर
ऑनलाइन या ई-एफआईआर दर्ज करने के लिए यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या प्ले स्टोर से यूपीकॉप एप डाउनलोड करें। पहली बार विजिट कर रहे हैं तो आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां आपको कुछ पर्सनल डिटेल जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी देनी होगी। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना होगा। इस तरह आपका अकाउंट बन जाएगा। यूपीकॉप ओपन होने के बाद आपको एफआईआर कंप्लेंट ऑप्शन पर जाना होगा, जहां एक फॉर्म खुलेगा। एफआईआर फॉर्म में आपको घटना से संबंधित पूरी जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा नाम, पता, माता व पिता का नाम भी देना होगा। एफआईआर सब्मिट करने के बाद वेरिफिकेशन करना होगा। इस तरह आपकी एफआईआर दर्ज हो जाएगी। ई-एफआईआर लखनऊ में दर्ज होती है, जिसे संबंधित थाने में भेज दिया जाता है।
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यूपीकॉप में यह भी सुविधाएं
ई-एफआईआर दर्ज कराने के अलावा यूपीकॉप एप के जरिये चरित्र सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, प्रोग्राम अनुमति, प्रदर्शन अनुमति, फिल्म शूटिंग और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा एफआईआर की कॉपी भी ले सकते हैं। इस एप को लोग चरित्र प्रमाणपत्र, किरायेदार और कर्मचारी का सत्यापन कराने में ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। हत्या, दुष्कर्म जघन्य अपराध और नामजद आरोपियों के खिलाफ ऑनलाइन एफआईआर और ई-एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती है। नामजद के मामले में इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
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यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
मुरादाबाद पुलिस से कई तरह से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम, एक्स पर आईडी बनी हैं। इसके अलावा एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात, जनपद के सभी सीओ, थाना प्रभारी की आईडी बनी हैं। व्हाट्सएप के जरिये भी पीड़ित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन केस दर्ज कराने की सुविधा लोगों के लिए उपलब्ध है। कुछ मामलों में फरियादी अपने घर बैठे ही यूपीकॉप के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सभी थानों में पुलिस टीमें तैनात की गई हैं, जो अपने क्षेत्र में लोगों यूपीकॉप की जानकारी दे रही हैं। -सतपाल अंतिल, एसएसपी
मोबाइल चोरी की दर्ज हुई ऑनलाइन रिपोर्ट
बदायूं जनपद के बिल्सी थाना क्षेत्र के सिमरी भोजपुर निवासी अजीत बाबू मुरादाबाद में सिविल लाइंस क्षेत्र में आए थे। वह बस में सवार होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उनका मोबाइल चोरी हो गया था। अजीत ने इस मामले में ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे संबंधित थाने में भेज दिया गया था।