मुरादाबाद। 400 करोड़ की संपत्ति की खरीदारी करने के लिए एमडीए के तीन दिवसीय संपत्ति मेला व इन्वेस्टर्स मीट में पहले दिन सिर्फ 25 खरीदार ही सामने आए। संपत्ति खरीदने के लिए सोमवार को 25 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। मेले में एमडीए ने विक्रय के लिए आवासीय, व्यावसायिक, स्कूल प्लाॅट और मकान समेत 500 संपत्तियां शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश नगर नियोजन व विकास अधिनियम 1973 के 50 वर्ष पूर्ण होने पर एमडीए कार्यालय में आयोजित संपत्ति मेला व इन्वेस्टर्स मीट का प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने शुभारंभ किया। मेले में एमडीए अपनी 400 करोड़ की कीमत वाली 500 संपत्तियों का विक्रय करेगा। संपत्तियों की खरीदारी ‘पहले आओ, पहले पाओ’, ई-नीलामी, लाटरी के जरिये होगी। माैके पर ही रजिस्ट्रेशन करने पर तुरंत संपत्ति आवंटन किया जाएगा। पहले दिन सोमवार को 78 लाख की आठ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हुए। प्रभारी मंत्री ने पहले आवंटी को आवंटनपत्र साैंपा। इसके अलावा नीलामी के जरिये निस्तारित करीब दो करोड़ के मूल्य की नाै सम्पत्तियों के पंजीकरण हुए। एमडीए वीसी शैलष कुमार ने बताया कि कुल 25 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें एकता विहार टावर, आयुर्वेदिक दवाखाना, स्कूल के प्लाट शामिल हैं। एमडीए ने अभी अन्य 900 करोड़ की संपत्तियों को प्रदर्शित नहीं किया है।
इस दाैरान महापौर विनोद अग्रवाल, एमएलसी सत्यपाल सैनी, गोपाल अंजान, कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, डीआईजी मुनिराज जी, डीएम अनुज सिंह, एसएसपी सतपाल अंतिल, एमडीए बोर्ड के सदस्य विकास जैन, राजू कालरा आदि माैजूद रहे।
एमडीए नया मुरादाबाद को निवेश का नया केंद्र बनाएगा
- सेक्टर-2 में उद्यम विहार के नाम से लाॅन्च की गई व्यावसायिक योजना भविष्य में शहर के कमर्शियल हब के रूप में निखरेगी। एमडीए नया मुरादाबाद में स्थित ईको हर्बल पार्क, नव नियोजित संविधान पार्क, प्रस्तावित सात अजूबे पार्क, पांच सितारा होटल, हाइपरमार्केट आदि इसे नया निवेश केंद्र बनाएगा। वहीं दिल्ली रोड पर एमडीए की नई टाउनशिप प्रस्तावित है। इसके अलावा संभल रोड पर नियोजित विकास किया जाएगा। गतिशक्ति नगर में ट्रांसपोर्ट एजेंसी, होटल, विभिन्न शो रूम खोले जाएंगे।
चार दशक में बीस हजार करोड़ का कराया निवेश
एमडीए वीसी शैलेष कुमार ने बताया कि चार दशक से अधिक समय में प्राधिकरण ने करीब 700 हेक्टेअर भूमि का नियोजन करते हुए 25 योजनाओं के जरिये से 30,000 से अधिक संपत्तियों का सृजन किया था। प्राधिकरण ने जनसुविधाओं व व्यावसायिक केंद्रों के विकास से करीब 20,000 करोड़ का निवेश कराया। यूपी इन्वेस्टर्स मीट में भी यहां के निवेशकों ने लगभग 5,000 करोड़ के प्रस्ताव दिए थे।