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रोड जाम करने में पूर्व राज्यमंत्री, जिपं अध्यक्ष समेत चार को एक -एक माह की सजा

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रामपुर। एमपी एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने रोड जाम करने पर जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व राज्यमंत्री समेत चार को धारा 341 के तहत दोषी मानकर एक-एक माह के कारावास की सजा के साथ पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, उनपर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप साबित नहीं हो सका। सजा सुनाए जाने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से अपील दाखिल होने तक जमानत पर रिहा करने की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
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21 अगस्त 2007 को विधानसभा चुनाव के दौरान धारा 144 लगी हुई थी। आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, पूर्व राज्यमंत्री शिवबहादुर सक्सेना, दीपक नागर और राजकुमार ने धारा 144 का उल्लंघन करते हुए रोड जाम कर दिया और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी स्वार धनपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई एमपी एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में हुई। बुधवार को बहस पूरी हो गई थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने फैसला सुना दिया। सहायक अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट ने धारा 341 यानी रोड जाम करने के आरोप में जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, पूर्व राज्यमंत्री शिव बहादुर सक्सेना, दीपक नागर और राजकुमार को एक-एक माह के कारावास और पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से अपील दाखिल करने तक जमानत पर रिहा करने की मांग की गई, इसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अपील दाखिल होने तक सभी को जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता सत्यपाल सिंह सैनी ने बताया कि फैसले को लेकर अपील करेंगे।
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