राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि बाल श्रम पर पूरी तरह अधिकारी प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान चलाएं। कुछ बच्चे भिक्षा मांगते हैं उन्हें शासन की भिक्षा से शिक्षा को जोड़ों अभियान के तहत उन बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षित करने का काम अधिकारी करें। यह निर्देश उन्होंने सर्किट हाउस में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की मंडलीय समीक्षा के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों को लेकर विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। अधिकारी उसका पूरी तरह पात्र लोगों को लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि बाल श्रम को रोकने का अधिकारी काम करें। 15 जुलाई तक बालश्रम से मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अधिकारी बालश्रम पर रोक लगाने के लिए काम करें। बैठक में उन्होंने महिला अनुदान (विधवा पेंशन), बाल सेवा योजना (कोविड) सामान्य, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा की।
बात में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि बच्चों को नशाखोरी से दूर रखने के लिए सरकार एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चला रही है। इसके तहत स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में पान, गुटका, सिगरेट दुकानें नहीं लगेंगी। 21 साल से कम आयु के बच्चे शराब नहीं खरीदी इसके लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों को शराब की दुकानों पर इस आशय का बैनर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शराब की दुकानों पर कैमरे भी लगाने को कहा गया है।