मुरादाबाद। उत्तराखंड और यूपी को जोड़ने वाली मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग को फोर लेन बनाने में अभी कई बाधाएं हैं। जिला प्रशासन ने जमीनों का अधिग्रहण किया, लेकिन जमीन को कब्जा मुक्त कराना है। इस मामले में एनएचएआई ने जिला पुलिस से फोर्स की मांग की है।
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग के नवीनीकरण की जिम्मेदारी एनएचएआई की है। उत्तराखंड को जोड़ने वाले 39 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोर लेन में तब्दील करना है। एनएचएआई ने रोड के गड्ढों को पाटकर सड़क को ठीक किया है। इस रोड पर वाहनों का काफी दबाव रहता है।
39 गांवों का करना है अधिग्रहण
हाल में आईं सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने काफी तेजी के साथ एक माह में 35 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया है। जांच के दौरान चार गांवों की जमीन सरकारी पाई गई है। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट से संतुष्ट होने के बाद एनएचएआई जमीनों के मुआवजे की धनराशि देगा। अनुमान है कि जमीनों के लिए एनएचएआई 700 करोड़ रुपये मुआवजा देगा।
45 हजार काटने पड़ेंगे पेड़
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर 11 हजार 500 बड़े और 33 हजार 500 छोटे पेड़ हैं। वन विभाग ने सर्वे कर लिया है। परमिशन मिलने के बाद पेड़ों की कटाई कराई जाएगी। इसके लिए विभाग को करोड़ों रुपये देने पड़ेंगे। एनएचएआई के अभियंताओं का कहना है कि सिविल कार्य करने में 625 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। तमाम कार्यों को देखते हुए इस साल निर्माण का कार्य संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। अगले साल ही जनवरी तक सड़क का कार्य किया जाएगा। कुल मिलाकर सड़क को फोर लेन बनाने में एक हजार करोड़ से अधिक धनराशि खर्च होगी।
रोड को बनाने के लिए ठेकेदार तैयार हैं। अभी रोड की जमीनों पर कब्जा करना है। किसान काफी कम संख्या में मुआवजा लेने के लिए आ रहे हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर आनलाइन मुआवजा की राशि किसान के खाते में भेजी जाएगी। -अनुज कुमार जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई मुरादाबाद