एबीएम अस्पताल में डॉक्टर द्वारा बंधक बनाकर दुष्कर्म किए जाने से पीड़ित नर्स की बुधवार रात हालत बिगड़ गई। उसे काशीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि उसे पैनिक अटैक पड़ा। पुलिस ने पीड़िता के पिता से पूरे मामले की जानकारी ली।
डिलारी थानाक्षेत्र की पीड़ित नर्स के पिता ने बताया कि उनकी बेटी उस घटना को अब तक नहीं भूल पाई है। उसने खाना पीना भी बंद कर दिया है। अधिकांश समय वह कमरे में ही कैद रहती है। वह बार-बार यह ही बोलती है कि अब वह बाहर कैसे जाएगी। पिता के मुताबिक बुधवार रात बेटी की हालत बिगड़ गई। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इससे परिजन घबरा गए। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पीड़िता बेहोश हो गई। सूचना मिलने पर ठाकुरद्वारा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी नर्स के गांव पहुंच गए। बेहोशी की हालत में उसे उत्तराखंड के काशीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने जांच के बाद पैनिक अटैक होने की बात कही। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार है। सीओ राजेश कुमार ने दुष्कर्म पीड़िता की हालत बिगड़ने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अब हालत ठीक है।
समझौते के लिए पीड़िता के पिता पर बनाया दबाव
ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। समझौते का दबाव बनाने के लिए आरोपी पक्ष दुष्कर्म पीड़िता के घर पहुंच गया। पिता ने पुलिस को बुलाने के लिए फोन किया तो आरोपी मौके से भाग गए। पीड़िता के घर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
पीड़ित नर्स के पिता ने बताया कि बुधवार शाम दो व्यक्ति बाइक से उनके घर पहुंचे। उन्होंने बातचीत करने के लिए पीड़िता के पिता को घर से बाहर बुला लिया। आरोप है कि इसी दौरान दोनों व्यक्ति कहने लगे कि वह डॉक्टर के परिचित है। वह इस मामले में समझौता कराने के लिए आए हैं। अगर वह तैयार हो जाए तो वह इस मामले में समझौता करा देंगे। आरोपियों ने युवती के पिता को लालच भी दिया। पिता ने पुलिस को कॉल की तो आरोपी बाइक लेकर भाग गए। इसी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और पिता से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों ने दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी पीड़िता के घर के बाहर लगा दी हैं। सीओ राजेश कुमार ने फैसले के लिए डॉक्टर पक्ष के लोगों पर नर्स के गांव में जाकर दबाव बनाने की चर्चा को अफवाह बताया।